अजय खंडेलवाल (मथुरा)। 32 साल पुराने राजा मान सिंह हत्याकांड में अब तक 1550 तारीखें अदालत में लग चुकी हैं। हत्या के आरोपियों को पेशी के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुरक्षा पर ही अब तक 750 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
इन सभी को एसटीएफ के कड़े सुरक्षा घेरे में अदालत में लाया जाता है। इस मामले की सुनवाई अब 18 जुलाई को होनी है।
भरतपुर के राजा मानसिंह हत्याकांड के आरोपियों की सुरक्षा पर ही सरकार ने करोड़ों की रकम खर्च कर दी है।
इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपी मौजूदा समय में जमानत पर हैं। क्योंकि इन सभी ने अपनी जान को खतरा बताया था लिहाजा सभी को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई गई। सभी आरोपी जयपुर और आसपास के रहने वाले हैं लिहाजा सभी को वहां से एसटीएफ लेकर मथुरा के लिए चलती है। पुलिस भी उपलब्ध रहती है।
इस सुरक्षा पर ही लाखों का खर्च आ रहा है। बताया जाता है कि 1985 से न्यायालय में चल रहे इस मामले में करीब 1550 से अधिक तारीखें पड़ चुकी है।
मामले में मुख्य आरोपी तत्कालीन डीएसपी कान सिंह भाटी सहित सभी 14 आरोपी बूढ़े हो चुके है। वकील नंद किशोर का कहना है कि अबकी सुनवाई के लिए 18 तारीख मिली है।
ये हैं हत्या के आरोपी
तत्कालीन सीओ कान सिंह भाटी, एसएचओ वीरेंद्र सिंह, सुखराम, जीवन राम, भंवर सिंह, हरी सिंह, शेर सिंह, छत्तर सिंह, पदमाराम, जगमोहन
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ये है जीडी में हेरफेर के आरोपी
रवि शेखर, हरिकिशन, कान सिंह, गोविंद प्रसाद
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इन आरोपियों की हो चुकी है मौत
नेकीराम, सीताराम, कुलदीप
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‘तत्कालीन सीओ कान सिंह भाटी ने अपनी आत्म रक्षा में गोली चलाई थी। हमने राजा मानसिंह के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को भी न्यायालय के समक्ष रखा है।’
नंद किशोर उपमन्यु, बचाव पक्ष के अधिवक्ता, मथुरा