आगरा।इलाहाबाद से पकड़ी गईं 43 सेक्स वर्कर को बगैर आदेश के छोड़ दिए जाने के आरोप में निलंबित चल रही नारी निकेतन की अधीक्षक गीता राकेश की अंतरिम जमानत दूसरी बार दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। वह शनिवार को कोर्ट के सामने पेश हुईं। जिला शासकीय अधिवक्ता ने केस से संबंधित प्रपत्र पेश करने के लिए समय मांगा। इस पर अदालत ने अंतरिम जमानत की अवधि दो दिन और बढ़ा दी। इससे पहले भी गीता राकेश की अंतरिम जमानत अवधि दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। उन्होंने जमानत के लिए याचिका दायर कर रखी है। इस पर सुनवाई होनी है। अब उन्हें 19 को सरेंडर करना होगा। उधर पुलिस उनके खिलाफ मानव तस्करी की धाराएं और पॉक्सो एक्ट पहले ही बढ़ा चुकी है। सीओ छत्ता बीएस त्यागी का कहना है कि गीता राकेश की फिर से गिरफ्तारी की जाएगी। उधर पुलिस ने इस मामले की छानबीन भी तेज कर दी है। गीता के खिलाफ काफी साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। बता दें, आरोप है कि गीता ने 43 सेक्स वर्करों के साथ नौ बच्चों को भी छोड़ा था। इसके चलते पॉक्सो एक्ट लगाया गया है।
फर्जी निकले सेक्स वर्करों के नाम-पते
आगरा। नारी निकेतन से बगैर आदेश के छोड़ी गई सेक्स वर्करों का पुलिस अब तक कोई पता नहीं लगा पा रही है। उन्होंने अपने जो नाम-पते बताए थे, वे फर्जी निकले हैं। पुलिस ने इन्हें तसदीक किया है। इसकी आशंका पहले से ही थी, क्योंकि 43 में से 30 ने चार बार दर्ज कराए गए अपने बयान में अलग-अलग नाम-पते बताए थे। इनके अलावा जिन्होंने एक -एक नाम-पता बताया था, वह फर्जी निकला है। इनमें से दो सेक्स वर्करों ने अपने पते आगरा के वजीरगंज के बताए थे। यहां पुलिस पहुंची, तो पता चला कि वहां इस नाम की कोई महिला कभी नहीं रही। इसी तरह दो सेक्स वर्कर के पते खेरागढ़ के बताए गए थे, ये भी फर्जी निकले। पुलिस अब उन लोगों के पते तसदीक करेगी, जो सेक्स वर्करों को अभिभावक बनकर अपने साथ ले गए हैं।