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यमुना में अवैध खनन से बने गड्ढों ने ली दो जान

Mon, 13 Jul 2015 02:19 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला आगरा।
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यमुना में नहाने के दौरान डूबे बालक सनी और अंकुश के शव रविवार की दोपहर को गोताखोरों ने खोज निकाले। शव नदी में खनन के लिए खोदे गए गड्ढों में फंसे हुए थे।
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बता दें, जगजीवन नगर, टेढ़ी बगिया के छह बच्चे शनिवार की शाम को यमुना में नहाने के दौरान डूब गए थे। चार बच्चों को बचा लिया गया था, जबकि अंकुश और सनी का पता नहीं चल सका था। देर शाम तक पीएसी के जवानों ने उनकी तलाश की थी। रविवार सुबह से ही बच्चों की तलाश शुरू कर दी गई। सनी का शव एक गड्ढे में फंसा मिल गया। दोपहर को अंकुश का शव भी गड्ढे से गोताखोरों ने निकाल लिया। दोनों शवों के मिलने पर बस्ती में कोहराम मच गया। घरवाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इस पर दोनों के शव उन्हें सुपुर्द कर दिए गए। घरवालों ने बताया कि चार दिन पहले भागवत कथा का कलश विसर्जन करने के लिए बस्ती के लोग यमुना में गए थे। वहां सनी और अंकुश भी गए थे। बच्चों ने नदी में खूब मौज मस्ती की थी। इसके बाद से बस्ती के बच्चों के साथ तीन दिन से लगातार यमुना में नहाने जाने लगे थे। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि दोनों की मौत का कारण यमुना में खनन के लिए खोदे गए गड्ढे हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि यमुना में मशीनों से खनन कार्य किया जा रहा है।

एक तरफ मातम, दूसरी तरफ होता रहा खनन
दोनों बालकों के शव बरामद हुए तो यमुना किनारे पर कोहराम मच गया। खनन के गड्ढों ने दोनों की जान ले ली। इस घटना के बाद भी अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। कार्रवाई के आश्वासन के बावजूद खनन पर रोक नहीं लगाई गई। एक तरफ परिवारीजन बच्चों की लाशों को ले जा रहे थे तो दूसरी यमुना में खनन जारी था। ऐसा लगता है कि किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा है। जेसीबी से ट्रैक्टर ट्रालियां भी भरी जा रही थीं। लोगोें का आरोप है कि पुलिस की सांठगांठ के कारण रोक नहीं लग पा रही है। इसको लेकर हंगामा भी काटा।
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