अरतौनी में गमी वाले घर में मिट्टी की झोपड़ी की दीवार ढहने से दो मासूमों की दबकर मौत हो गई। दोनों बच्चे माता-पिता के साथ गमी में शामिल होने आए थे। हादसे की खबर पर पुलिस, प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। परिवारीजन बगैर पोस्टमार्टम कराए शवों को अपने गांव ले गए।
अरतौनी निवासी वृद्ध भगवान सिंह की बीमारी के कारण मंगलवार को मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रिश्तेदार आए हुए थे। बुधवार सुबह दिवंगत भगवान सिंह का धेवता कृष (7) पुत्र दानू निवासी गांव सेही, शेरगढ़, मथुरा और खंदौली के गांव पैंतखेड़ा निवासी रिश्तेदार रामबाबू का बेटा विवेक (10) घर में बनी झोपड़ी में खेल रहे थे। झोपड़ी की दीवार कच्ची मिट्टी की बनी थी। अचानक दीवार भरभराकर गिर पड़ी। दोनों बच्चे मलबे में दब गए। परिवारीजनों ने किसी तरह मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में घरवाले उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सिकंदरा फोर्स के साथ पहुंचे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
भगवान सिंह की मौत के बाद परिवार पहले से गमगीन था, अब दो बच्चों की मौत से परिवार के आंसू नहीं रुक रहे हैं। गांव के लोगों ने परिवार को संभाला।