शिकोहाबाद। मोहल्ला स्वामी नगर में शुक्रवार को झूला झूलने के खेल में एक 10 साल के बालक की फांसी लगने से मौत हो गई। बालक झूले पर बैठक गोल- गोल घूम रहा था। परिवार के अन्य बच्चे इसमें उसकी मदद कर रहे थे। खेल में कब फंदा लग गया दूसरे बच्चे समझ नहीं पाए और उसकी जान चली गई।
आगरा के फतेहाबाद निवासी मोती खां परिवार के साथ शिकोहाबाद के स्वामी नगर में रहकर विसात खाने (चूड़ी से जुड़ा काम)का काम करते हैं। उनके घर के अंदर बच्चों को झूलने के लिए झूला है। शुक्रवार दोपहर परिवार के सभी बच्चे बारी-बारी से झूला झूल रहे थे। इसी बारी आने पर मोती का दस वर्षीय बेटा छैला खां झूले पर बैठ गया। वह झूले को गोल- गोल घुमाने लगा। दूसरे बच्चों ने भी उसे घुमाना शुरू कर दिया।
इस खेल में झूले की दोनों रस्सियों के बीच में उसका गला फंस गया। उसकी चीख तक नहीं निकल पा र ही थी। साथ के बच्चों ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया, वह उसे घुमाने में ही जुटे रहे। छैला खां की दम घुटने से जीभ बाहर निकल आई। पेशाब निकल गया।
बालक के शरीर में कोई क्रिया नहीं हुई तो दूसरे बच्चों को कुछ गलत होने का एहसास हुआ। परिवार के बड़े लोगों को जानक ारी दी। परिवार के लोग दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मोहल्ले के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।
थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों से घटना के बारे में जानकारी जुटाई। मोती खां ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम न कराने की गुहार लगाई। इस पर पुलिस ने कागजी कार्य पूरा कर बिना पोस्टमार्टम कराए बालक शव परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।