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मामूली बात पर दो समुदायों में फायरिंग, पथराव

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बिछवां (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र के गांव करीमगंज में मंगलवार दोपहर मीट के रुपये कम करने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। दोनों के बीच जमकर पथराव और फायरिंग र्हुई। इसमें चार लोग घायल हो गए।
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सूचना पर कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के बाद स्थिति को संभाला। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं देर शाम तक दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बातचीत चल रही थी। इस संबंध में एसओ औंछा का कहना है कि पथराव और फायरिंग करने वालों की तलाश की जा रही है।


थाना क्षेत्र के गांव करीमगंज आमिर मीट का व्यापार करता है। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे जब वह दुकान पर बैठा था। इसी बीच गांव निवासी राजेश कठेरिया दुकान से मीट लेने के लिए आया। मीट खरीदने के बाद दोनों के रुपये को लेकर विवाद होने लगा। इसी बीच गांव के ही जबर सिंह व धर्मेंद्र सिंह बीच बचाव करने आए।
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आरोप है कि आमिर के परिवार वालों ने राजेश को छोड़ उक्त दोनों को घेर लिया और जमकर पीटा। सूचना मिलते ही जबर सिंह व धर्मेंद्र पक्ष के लोग एकत्रित होने लगे। वहीं आमिर पक्ष के लोग भी एकत्रित हो गए। दोनों पक्ष के लोग एकत्रित हुए तो माहौल बिगड़ने लगा। गाली गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई।

जानकारी होने के बाद वहां पहुंचे दोनों पक्ष के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। घरों की छतों से पत्थर फेंके जाने लगे। दहशत के चलते गांव में भगदड़ मच गई। लोग घर के दरवाजे बंद कर छिप गए।

इस बीच कई राउंड फायरिंग भी हुई। इस बीच सूचना पर कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस को देखकर फायरिंग व पथराव कर लोग भाग गए। पुलिस ने घायल एक पक्ष के घायल जबर सिंह, धर्मेंद्र, श्यामादेवी और राजेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

गांव करीमगंज में मीट को लेकर हुए दो समुदाय के लोगों में पथराव व फायरिंग की घटना के दौरान वहां मौजूद महिलाएं व बच्चे चीखते हुए घरों की ओर दौड़ पडे़। दोनों तरफ से फायरिंग और पथराव के चलते लोगों ने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया। पुलिस के वहां पहुंचने के बाद भी काफी देर तक ग्रामीणों ने दरवाजे नहीं खोले। वहीं घटना को लेकर भी कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं था।

गांव करीमगंज में फायरिंग और पथराव होता देख कई दुकानदार शटर डालकर भाग गए। वहीं कई ने खुद को दुकान के अंदर बंद कर लिया। जब तक फायरिंग की आवाज पूरी तरह से बंद नहीं हुई। तब तक दुकानदार व स्थानीय लोग दहशत में रहे। पुलिस के आने के बाद दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान खोले।


एसपी राजेश एस का कहना है कि गांव में मीट के मोल भाव को लेकर विवाद हुआ था। मारपीट और पत्थर चले थे। फायरिंग नहीं हुई थी। गांव में सब कुछ ठीक है। किसी भी तरह की तनाव की स्थिति नहीं है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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