मैनपुरी- कटरा समान। किशनी थाना क्षेत्र के रैचंदा गांव में मंगलवार रात करीब 12 बजे पुलिस ने एक घर में दबिश दी। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और लूटपाट करने का आरोप लगाया है। वहीं, इंस्पेक्टर ने आरोपों को निराधार बताया है। थाना किशनी क्षेत्र के गांव रैचंदा निवासी जहान सिंह के छोटे पुत्र विवेक की पत्नी प्रियंका की 18 दिसंबर 2017 को संदिग्ध परिस्थिति मेें मौत हो गई थी। ससुरालीजनों की ओर से जहर खाकर खुदकुशी करने का मामला दर्शाया था। मायके पक्ष की ओर से ससुरालीजनों के विरुद्ध दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामला न्यायालय में पहुंचा, करीब चार माह पूर्व दोनों पक्ष के बीच समझौता हो गया था। उक्त मामले को लेकर मंगलवार की रात करीब 12 बजे पुलिस पड़ोसी की छत का सहारा लेकर जहान सिंह के घर में दबिश दी। पीड़ित के अनुसार उस वक्त जहान सिंह व पत्नी तिलकश्री, बड़ी बहू रीतू छत पर सो रहे थे।
आरोप है कि पुलिस ने सो रहे जहान सिंह को पीटना शुरू कर दिया। चीख पुकार सुनकर जब परिजन जागे तो पुत्रवधू व अन्य परिजनों के साथ भी पुलिसकर्मियों ने मारपीट कर दी। चीख पुकार सुनकर जब आस पड़ोसी जागे तो पुलिस बगैर कार्रवाई ही उल्टे पैर वहां से निकल गई। जहान सिंह व परिजनों का आरोप है कि पुलिस घर में तोड़फोड़ करने के साथ ही नकदी और जेवर भी लूट ले गए। वहीं जाते समय पुलिस बहू को भी साथ ले गई। करीब एक किलोमीटर दूर उसे छोड़ दिया गया। वहीं इंस्पेक्टर किशनी शैलेंद्र सिंह का कहना है कि सीओ के आदेश थे कि दहेज हत्या के मामलों में आरोपियों के घर दबिश दी जाए। समझौता से संबंधित कोई भी दस्तावेज सीओ कार्यालय नहीं पहुंचे थे। लूटपाट व मारपीट के आरोप निराधार हैं।