किशनी। आगरा के गौतम नगर नई बस्ती निवासी युवती की तहरीर पर पुलिस ने मामा सहित चार परिवारीजनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। मंगलवार रात को इलाज के बहाने उसे रामनगर नहर में फेंक दिया गया था। स्थानीय दो युवकों ने युवती को सुरक्षित निकालने के बाद थाना पुलिस को सौंप दिया था।
वहां युवती ने परिवारीजनों के अत्याचार से परेशान होने व जान से मारने की कोशिश किए जाने की जानकारी दी थी। थानाध्यक्ष ने बताया कि नामजद लोगों की तलाश की जा रही है।
मंगलवार रात करीब नौ बजे दो बाइक पर सवार होकर आए चार लोगों ने युवती को किशनी थाना क्षेत्र के रामनगर नहर में फेंक दिया था। इसके बाद बाइक सवार लोग वहां से भाग गए थे। गांव संतपुर के समीप युवती की चीख सुनकर दो युवक सुरेंद्र और बलवीर ने नहर से युवती को बाहर निकाल लिया था।
थाने में युवती ने बताया था कि सगे भाई, मामा और जीजा ने उसे नदी में फेंक दिया था। थाने में बैठी युवती मधु ने बताया कि पिता चरन सिंह नई बस्ती गौतम नगर, सीताराम गली थाना एत्माद्दौला आगरा के रहने वाले हैं। वह काफी समय से बहन एकता, जीजा देवेश और भाई गोपीकिशन के साथ नोएडा में रह रही थी।
वहां जीजा और भाई की पिटाई से तंग आकर वह घर से कई बार भागी। पुलिस जब उसे परिवारीजनों के सुपुर्द करती तो फिर से मारपीट की जाती। 10सितंबर को जीजा, भाई उसे लेकर थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव पदमपुर लेकर पहुंचे। वहां मां सुशीला तथा नानी ने उसे गालियां देते हुए कोसा।
इसके बाद भगत से इलाज कराने की बात कही। मंगलवार की सुबह सभी ने उससे अच्छी तरह से बात की। इसके बाद दो बाइकों में से एक पर उसके मामा राजा पुत्र अगनू जाटव तथा उसके जीजा देवेश बैठ गए। दूसरी पर वह भाई गोपी किशन मामा का लड़का अरविंद बैठ गए। भगत से दिखाने की बात कह कर उसे रामनगर पुल पर आ गए। उसे 10 रुपये का नोट देकर सात बार सर पर घुमाने की बात कह कर नहर के समीप उतार दिया।
नहर के बीच जाने से मना कर दिया तो सभी लोग उसे नहर ले गए। वहां उसे पकड़ कर नहर में फेंक दिया। थानाध्यक्ष शशिकांत सिंह ने बताया कि नामजद लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। युवती के न्यायालय में बयान कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।