मथुरा। बिहार के जिला झाबुआ निवासी इस किशोरी की ट्रेन के सफर की दास्तां सुनेंगे तो रूह कांप जाएगी। तेरह साल की यह किशोरी मां से नाराज होकर घर से क्या निकली एक दरिंदा इसका दुश्मन बन गया। जिस ट्रेन में सफर कर रही थी उसके टायलेट में इसके साथ दरिंदगी की गई। इतना मारा कि वह रास्ते भर कांपती रही। दर्द के मारे अभी तक तड़प रही है।
पिता राज मिस्त्री हैं। पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी है। मां से अनबन के बाद करीब सात बजे पटना से मथुरा आने वाली जिस ट्रेन में सवार हुई वह उस ट्रेन का नाम नहीं बता पा रही।
ट्रेन में इस किशोरी पर एक दरिंदे की नजर पड़ गई और वह पीछे लग गया। रात को करीब दस बजे किशोरी टायलेट में गई तो पीछे से वह दरिंदा भी पहुंच गया।
टायलेट में किशोरी को बंद करके उसके साथ रेप किया। किशोरी ने शोर मचाने की कोशिश की तो थप्पड़ मारे। बेल्ट से पीटा। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान बन गए। गला घोंटने की भी कोशिश की। किशोरी को इतना डरा दिया था उसने कि वह रास्ते भर खामोश रही। अपने साथ हुए जुल्म को किसी से कह भी नहीं पाई।
किशोरी ने बताया कि वह दरिंदा आगरा तक उसके साथ आया था। रास्ते भर उसे धमकाता रहा। कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष लक्ष्मी गौतम का कहना है कि वृंदावन में मुझे यह किशोरी मिली थी। वह रो रही थी।
पूछने पर बताया कि वह वृंदावन में अपनी मौसी के यहां आई है। मौसी का पता पूछा तो वह सिर्फ यह बता पा रही थी कि उसकी मौसी वृंदावन में एक गोशाला में काम करती हैं। वृंदावन में इतनी गोशालाएं हैं कि उसे ढूंढा कैसे जाए। किशोरी बहुत डरी हुई थी। उसने बताया था कि ट्रेन में उसके साथ दुष्कर्म हुआ है।
पटना से निकलते ही हुई घटना
मथुरा। किशोरी का कहना है कि ट्रेन पटना स्टेशन से चली तो करीब तीन घंटे बाद ही उसके साथ यह घटना हुई है। जीआरपी इंस्पेक्टर विजय सिंह का कहना है कि किशोरी ने जो बताया है उसके मुताबिक घटना पटना की है। अज्ञात के खिलाफ रेप और पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। किशोरी का मेडिकल कराया गया है। किशोरी ने आरोपी के हुलिये के बारे में पूछा जा रहा है।
अब तो डराने लगा है ट्रेन का सफर
मथुरा। ट्रेनों में छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आगरा से दिल्ली के बीच पिछले तीन महीने में करीब दस घटनाएं हो चुकी हैं। महिलाओं के साथ लूटपाट की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। पर्स और चेन लूट की वारदातें तो रोज कहीं न कहीं हो रहीं हैं। महिलाओं का ट्रेन में सफर करना मुश्किल हो गया है।