छात्र हिमांशु का नहीं लगा सुराग
विक्रमजोत।
कस्बे के प्राथमिक स्कूल में पढ़ने गए कक्षा तीन के हिमांशु गुप्ता उर्फ मुस्कान का सोमवार को भी पता नहीं चल सका। परिवार वालों का आरोप है कि स्कूल के स्टाफ की लापरवाही के चलते हिमांशु गायब हुआ है।
घर के लोग आरोप लगा रहे हैं कि स्कूल की शिक्षिका ने ही उसे बाजार भेजा था, जिसका अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया। शनिवार से ही छावनी पुलिस और परिजन तलाश कर रहे हैं। हिमांशु के पिता का देहांत हो चुका है। वह फूफा कौशिक गुप्ता के यहां रहकर पढ़ता है। कौशिक गुप्ता ने बताया कि हिमांशु की दो बड़ी बहनें नीलू और पूजा नेपाल में अपनी मां के पास रहती हैं। अप्रैल में एडमिशन करवा दिया था। वह रोज मेरे बच्चे स्नेहिल के साथ पढ़ने जाता था मगर शनिवार को स्कूल से ही लापता है। छावनी पुलिस ने अभी तक मुकदमा भी दर्ज नहीं किया है। विक्रमजोत चौकी प्रभारी जयप्रकाश दुबे ने बताया कि टीम बनाकर बालक की खोजबीन की जा रही है। हिमांशु पुत्र स्व. राजेश गुप्ता मूलत: बभनान बाजार के निवासी थे। पिता की मृत्यु के बाद फूफा कौशिक के यहां उसका पालन-पोषण हो रहा था। फुआ निर्मला देवी का कहना है कि हिमांशु की मां दूसरे से शादी कर नेपाल में ही बस गई है। स्नेहिल ने बताया कि स्कूल कि शिक्षिका अर्चना ने उसे बाजार से ईनो लाने के लिए 10 रुपये देकर भेजा था। वापस जब तीन रुपये दिया तो टॉफी लाने को भेज दिया। तब से फिर नहीं लौटा। प्रधानाध्यापिका शारदा देवी का कहना है कि हिमांशु स्कूल में एक बजे तक था। छुट्टी होने के बाद ही बाहर निकला था। उसके बाद कहां गया, हम लोगों को नहीं पता है। आरोप बेबुनियाद है। थानाध्यक्ष छावनी महेन्द्र प्रताप चतुर्वेदी ने बताया कि लापता छात्र के परिजनों ने तहरीर दी है। इसके आधार पर सामान लाने भेजी शिक्षिका और परिजनों के बयान पर खोजबीन शुरू है। आसपास के जिलों के थानों पर सूचना और फोटो भेजी गई है। इश्तहार चस्पा करवा कर प्रचारित-प्रसारित कराया जा रहा है।