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छेड़छाड़ पीड़ित युवती के पिता को थाने में पीटा

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आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितनी ही सख्ती क्यों न करें लेकिन पुलिस का रवैया नहीं बदलने वाला है। पुलिस ने छेड़छाड़ पीड़ित किशोरी के दिव्यांग पिता की न सिर्फ थाने में पिटाई लगाई बल्कि आरोपी को भी छोड़ दिया। पीड़ित ने डीएम से गुहार लगाई। तब कहीं तीन दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
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घटना एत्माद्दौला क्षेत्र में 25 जून को हुई। 15 वर्षीय किशोरी घर के बाहर सो रही थी। तभी पड़ोस के तीन लोगों ने उसे दबोच लिया। किशोरी के कपड़े फाड़ दिए। बेटी की आवाज सुनकर उसके दिव्यांग पिता और मां आ गईं। उन्होंने छेड़छाड़ का विरोध किया। इस पर आरोपियों ने उनकी पिटाई लगा दी। शोरशराबा होने पर पड़ोसी जाग गए। उनकी मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया गया। किशोरी के पिता ने सौ नंबर पर सूचना दी। पुलिस आरोपी और पीड़ित को थाने ले आई। किशोरी के पिता का आरोप है कि थाने आने के कुछ देर बाद ही पुलिस ने समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर उसे लात-घूंसों से आफिस में पीटा गया। एक घंटे तक यातनाएं देने के बाद उसे घर भेज दिया। दूसरे दिन आरोपी भी घर आ गया। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब आरोपी पक्ष धमकी दे रहा है। बुधवार को पीड़ित ने डीएम से शिकायत की। डीएम ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश किए। इंस्पेक्टर थाना एत्माद्दौला का कहना है कि दो पक्षों में मारपीट हुई थी। पुलिस पर पिटाई का आरोप गलत है। घटना वाले दिन शिकायत नहीं की थी। इस कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब तीन आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मजदूरी करता है परिवार
पीड़ित किशोरी के पिता का पांच साल पहले एक हाथ खराब हो गया था। वह अब एक दुकान में काम करता है। पत्नी भी मजदूरी करती है। पांच बच्चे हैं। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस और आरोपी पक्ष उस पर समझौते का दबाव डाल रहे हैं। उसे रुपये का लालच भी दिया गया। उसने बेटी की इज्जत का सौदा करने से मना कर दिया।
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