मैनपुरी। पुलिस ने दरोगा राधारमण के मौत की गुत्थी सुलझा ली है। दरोगा ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि उनकी हत्या की गई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी सिपाही ने जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस बताया कि शराब के नशे में दरोगा ने आरोपी से पत्नी को लाने की बात कही थी। इस पर उसे गुस्सा आ गया और उसके बाथरूम गए दरोगा की हत्या कर दी। मृतक का मोबाइल भी साथ ले गया था। मंगलवार को लिखापढ़ी के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा है।
एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने मंगलवार को बताया कि पूछताछ में आरोपी सिपाही सत्यप्रकाश ने दरोगा की हत्या करना कबूल की है। आरोपी ने बताया कि घटना के दिन वह दरोगा राधारमण के साथ बैरक में शराब पी रहा था। नशा अधिक हो गया तो दरोगा ने उससे कहा कि अपनी पत्नी को लेकर आओ। इस बात को सुनकर उसे गुस्सा आ गया।
दरोगा जब बाथरूम गया तो वह पीछे से चला गया। बिस्तर बंद की बेल्ट से दरोगा की गर्दन को कस दिया। दरवाजा बंद करने के बाद पूरी ताकत से दरवाजे की दूसरी तरफ से तब तक खींचना शुरू कर दिया।
दरोगा की मौत के बाद वह उनका मोबाइल लेकर वहां से निकल गया। सिपाही के जुर्म कबूलने के बाद पुलिस ने आरोपी सिपाही का चालान कर जेल भेजा है।
कानपुर देहात के थाना गजनेर क्षेत्र के गांव रतावा निवासी दरोगा राधारमण का शव आठ सितंबर को पुलिस लाइन के आरटीसी भवन के बाथरूम में दरवाजे से टिका हुआ मिला था। गले में बिस्तरबंद की बेल्ट का फंदा कसा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी हैंगिंग की बात कही गई थी।
इस बीच पुलिस ने मृतक दरोगा के मोबाइल के साथ थाना बेवर क्षेत्र के गांव गढ़िया घुटारा निवासी सिपाही सत्यप्रकाश यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। लगातार वह पुलिस को भ्रमित करता रहा।
आरोपी सिपाही सत्यप्रकाश पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लूट, चोरी आदि के मामलों में भी कई बार सस्पेंड हो चुका है। विभाग की ओर से उसकी बर्खास्तगी को लेकर कार्रवाई चल रही है। एक जांच में उसकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी सिपाही ने वर्दी के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। वर्दी में रहते हुए उसने वो सब काम किए हैं जो एक पुलिसकर्मी नहीं करता। एएसपी ने बताया कि वह थाना भोगनीपुर थाने में तैनात था।
दरोगा राधारमण यादव और सिपाही सत्यप्रकाश यादव एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे। सिपाही जब कानपुर में तैनात था वहीं से उसकी पहचान हुुई थी। वह जब भी मैनपुरी आता तब दरोगा के साथ शराब का दौर चलता।
राधारमण बंदी ड्यूटी पर थे, वहीं आरोपी सिपाही का भाई योगेंद्र एक मामले में जेल में बंद है। अक्सर मिलाई के दौरान भी उनकी मुलाकातें होती रहतीं थीं।