पूरे शहर को खौफजदा कर देने वाले दिव्य वार्ष्णेय अपहरण कांड में पुलिस और एसटीएफ की आठ टीमें चार दिन में भी कोई सुराग नहीं लगा पाई हैं। डीजीपी ही नहीं, सीएम तक की नजर आगरा पुलिस पर है, लेकिन हर तरफ से निराशा ही मिल रही है।
स्थिति यह है कि अभी भी पुलिस सीसीटीवी फुटेज से आगे नहीं बढ़ पा रही है। मुश्किल इसलिए भी आ रही है क्योंकि दिव्य का परिवार पुलिस को जरा भी सहयोग नहीं कर रहा। क्राइम डिटेक्शन के एक्सपर्ट अफसरों से लेकर सर्विलांस से स्पेशलिस्ट तक लगाए गए हैं। साइबर सेल और फोरेंसिक साइंटिस्ट की भी मदद ली जा रही है।
फोरेंसिक टीम फुटेज में नजर आ रहे लोगों के हाव-भाव देखकर अंदाजा लगा रही है कि बदमाशों के साथ कौन कौन मिला हो सकता है? हालांकि इसमें भी कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है। पुलिस को चार जगह लगे 10 कैमरों से फुटेज मिले हैं, जिनमें बदमाश दिव्य को ले जाते नजर आ रहे हैं।
एसटीएफ ने अपहरण की कई वारदात का खुलासा कर चुके इंस्पेक्टरों को लगाया है लेकिन इस केस में इनका अनुभव भी कोई सुराग नहीं दे पा रहा है। कुल मिलाकर नतीजा यह है कि दिव्य की तलाश में पुलिस जहां से चली थी, चार दिन बाद भी वहीं पर खड़ी है।
अगर सीएम ने पूछ लिया सवाल ....
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को शहर में होंगे। उन्होंने दो दिन पहले दिव्य की बरामदगी के लिए डीजीपी से बात की थी। इसके बाद पुलिस की सक्रियता तो बढ़ी, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। अगर मुख्यमंत्री ने आगरा पुलिस के अफसरों से कोई सवाल कर लिया तो अफसरों के लिए जवाब देना आसान नहीं होगा।
चार दिन बाद भी खाली हाथ
13 मार्च
पुलिस चेकिंग में बड़ी ढिलाई बरती गई, दो बदमाश दिव्य वार्ष्णेय को लेकर बाइक से ही दूर निकल गए।
14 मार्च
मदिया कटरा रोड पर 20 सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए, 16 खराब मिले, चार से फुटेज निकलवाए गए।
15 मार्च
सीएम ने डीजीपी से बात की, पुलिस में तेजी आई, लेकिन तमाम कोशिशों का कोई नतीजा नहीं निकल पाया।
16 मार्च
फिर से सीसीटीवी फुटेज देखे गए, इससे साफ हो गया कि अभी तक कोई भी सुराग नहीं लगा पाई है पुलिस।
दिव्य की तलाश में रात-दिन प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। - डा. प्रीतिंदर सिंह (एसएसपी)
तुमको हमारी उमर लग जाए...
दिव्य के लिए पूरा शहर बेचैन है। हर तरफ उसी की चर्चा है। कौन ले गया उसे? किस हाल में होगा? फिरौती के लिए फोन आया या नहीं ? यही सवाल सबकी जुबां पर हैं। सोशल मीडिया पर उसके हर फोटो को हजारों लाइक्स और सैंकड़ों कमेंट्स मिल रहे हैं। फोटो देखकर लोग कह रहे, फूल सा बच्चा है, न जाने कैसे रखते होंगे बदमाश उसे? बुधवार को उसका हंसता हुआ फोटो सबसे ज्यादा वायरल रहा। इस पर कमेंट्स में दुआएं लिखी गई, तुमको हमारी उमर लग जाए....
पूरे स्कूल का दुलारा है दिव्य
आगरा। दिव्य के अपहरण से डीपीएस जूनियर विंग दयालबाग में भारी बेचैनी है। हर कोई उसी की बात कर रहा है। खास तौर से कक्षा पांच में तो उसी का जिक्र हो रहा है। उसे सभी प्यार ही इतना करते हैं कि उसके बगैर रह नहीं पा रहे हैं। सभी शिक्षकों का दुलारा है दिव्य। रोज उसकी सलामती के लिए दुआएं हो रही हैं। स्कूल इंचार्ज निधि सिंह ने बताया कि दिव्य कक्षा नर्सरी से स्कूल में पढ़ रहा है। वह बहुत समझदार है। उसके व्यवहार से विद्यार्थी से लेकर शिक्षक प्रभावित रहते हैं। उसको साइकिलिंग का ही शौक है। वह टीवी देखने और गेम्स खेलने पर जोर नहीं देता।
प्रिल्यूड में भी की गई प्रार्थना
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, दयालबाग में भी बुधवार को विद्यार्थियों ने दिव्य के जल्द और सुरक्षित घर लौटने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। स्कूल के निदेशक सुशील गुप्ता ने कहा सबकी दुआएं रंग लाएंगी।
बच्चों जरा ध्यान दो
दिव्य के अपहरण के बाद शहर के लगभग सभी स्कूलों में बच्चों को जागरुकता का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
1. स्कूल, घर, पार्क जहां भी मौजूद हों, वहां आस पास नजर जरूर रखो, कोई संदिग्ध दिखे, तो तुरंत मम्मी-डैडी को बताओ।
2. अपने घर का पता, फोन नंबर याद रखो, अगर न रख पाओ, तो आईकार्ड को हमेशा साथ रखो।
3. कहीं कोई अजबनी बुलाए, चाकलेट, टाफी, खिलौने का लालच दे, तो उसके पास कभी न जाओ।
4. डोर वेल बजते ही गेट खोलने मत जाओ , पहले अंदर से देखो कौन है, पहचान होने के बाद ही गेट खोलो।
5. अगर कहीं कोई जबरन ले जाने की कोशिश करे,तो उसके हाथ में काट लो, दूर भाग जाओ, जोर से चिल्लाओ।