मैनपुरी। करहल की ग्राम पंचायत टिमरख में शौचालय के फर्जीवाड़े में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नोटिस का जवाब न देने पर अब ग्राम प्रधान को जिलाधिकारी ने 95जी का नोटिस जारी किया है। अब अगर साक्ष्य सहित जवाब न उपलब्ध कराया तो प्रधान के अधिकार सीज किए जाएंगे।
ग्राम पंचायत टिमरख निवासी अखिलेश व धर्मेंद्र लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। अब ग्राम पंचायत में 3.36 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आने पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा की संस्तुति पर पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत प्रधान नजरश्री को तत्कालीन सचिव रवि यादव को नोटिस जारी किया है। नोटिस का अगर साक्ष्य के साथ जवाब न दिया गया तो प्रधान के अधिकार सीज कर दिए जाएंगे।
दरअसल शौचालय में अनियमितताओं की एक शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। इसमें जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी और अवर अभियंता आरईडी बरनाहल को शामिल किया गया था। जांच हुई तो पता चला कि ग्राम पंचायत में 28 शौचालय में अनियमितता की गई है। इनमें से अधिकांश शौचालय जहां बने नहीं मिले तो वहीं कुछ शौचालय लाभार्थियों ने स्वयं बनवाने की बात कही। जांच रिपोर्ट में कुल 3.36 लाख की धनराशि का दुरुपयोग करने के लिए प्रधान और सचिव को दोषी ठहराया गया है।
कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
पूर्व में ग्राम पंचायत में हुई शौचालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा ने मामले में कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को निर्देशित किया था। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम प्रधान नजरश्री और तत्कालीन सचिव रवी यादव को नोटिस जारी किया था। एक जनवरी को जारी नोटिस में सात दिन का समय दिया गया था। लेकिन इसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
पहले भी मिला था 13.95 लाख का घोटाला
ग्राम पंचायत टिमरख में पहले भी लाखों का घोटाला सामने आ चुका है। जांच में 13.95 लाख का घोटाला निकलने के बाद सितंबर में कार्रवाई की गई थी। इसमें सीसी रोड व अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया था। मामले में सचिव प्रेमचंद्र बाथम को जेल जाना पड़ा था। वहीं प्रधान नजरश्री पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सकी थीं।
वर्जन
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान को 95जी का नोटिस जारी करने की संस्तुति की गई थी। जिलाधिकारी के आदेश पर नोटिस जारी किया गया है। जवाब न देने पर अधिकार सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।