कासगंज। पेट्रोलियम पदार्थों में मिलावट का खेल कोई नया नहीं है। यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। मिलावटी पेट्रोलियम पदाथों के उपयोग से वाहनों की सेहत खराब हो रही है। यहंा तक की वाहनों का माइल औसत भी मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थों एवं घटतौली के कारण नहीं आ पाता। जिससे उपभोक्ताओं को काफी चपत लग जाती है।
गंजडुंडवारा क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के डीजल के सैंपिल में केरोसिन की मिलावट पाए जाने की पूर्ति होने से मिलावट के खेल का भंडाफोड़ हो गया है। इसी पेट्रोल पंप पर पूर्व में घटतौली भी पाई गई। उपभोक्ताओं की शिकायत पर आपूर्ति विभाग ने जांच पड़ताल और सैंपलिंग की कार्रवाई की तो इस बड़े खेल का खुलासा हुआ। वाहन स्वामी बताते हैं कि मिलावटी डीजल पेट्रोल के कारण वाहन की लाइफ कम होती है। इंजन में काफी कमियां आ जाती हैं। दूसरा वाहनों का ऐवरेज भी सही नहीं निकलता। घटतौली के कारण पूरा डीजल, पेट्रोल नहीं मिलता जिससे भी ऐवरेज प्रभावित होता है। वाहन चालक कम ऐवरेज की शिकायतें एजेंसियों पर करते हैं, लेकिन एजेंसी संचालक भी घटतौली और मिलावट की बात करके ग्राहकों को संतुष्ट कर देते हैं। उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं हो पाता। वाहन स्वामी आफाक अहमद का कहना है कि मिलावटी डीजल, पेट्रोल से वाहन पूरी तरह से बर्बाद हो जाता है। इंजन में तमाम खराबी आने लगती हैं। कई बार तो इंजन भी सीज हो जाते हैं।
- मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थों से वाहन की लाइफ प्रभावित होती है। कई बार इंजन बंद हो जाते हैं। गाड़ी का ऐवरेज भी ठीक नहीं रहता और प्रदूषण बढ़ता है। इससे नुकसान ही नुकसान है- अजय चतुर्वेदी, ऑटो मोबाइल डीलर।
- जब भी मिलावट से संबंधित शिकायतें मिलती हैं तो उसकी जांच पड़ताल होती है और सैंपिलों की जांच कराई जाती है। पेट्रोलियम पदार्थों की डैनसिटी नापने से प्रथम दृष्टया उनकी गुणवत्ता की जानकारी हो जाती है। डैनसिटी में गड़बड़ी होने पर सैंपलिंग की पूरी प्रक्रिया अपनाई जाती है। जिले में पेट्रोलियम पदार्थ में मिलावट पाए जाने की यह पहली कार्रवाई है- सत्यवीर सिंह, जिला आपूर्ति निरीक्षक।