टूंडला। साहब.... मैं तो पांच लाख के लालच में फंस गया। मुझे नहीं पता था कि इतना गंभीर मामला होगा। यह कहना है रोहित उर्फ बाबू के अपहरण में शामिल दूसरे अपराधी श्यामवीर का।
गिरफ्तार श्यामवीर ने बताया कि जब सूरज शिकोहाबाद के सोफीपुर मजार पर मन्नत मांगने गया तो वह उसे भी अपने साथ ले गया था। जहां के बीहड़ को देख सूरज ने मन ही मन फिरौती वसूलने के लिए योजना बना ली। वहीं उसने श्यामवीर को भी इस काम में शामिल करने के लिए उसे फिरौती के दस लाख में से पांच लाख रुपए देने का लालच दिया। सूरज ने पूरी योजना में उसे कहीं न फंसने देने का भरोसा दिलाया था।
उसने कहा था कि बहुत आसानी से दस लाख रुपए फिरौती के मिल जाएंगे। पांच लाख रुपए के लालच में वह उसकी बातों में आ गया और अपहरण कांड में उसका साथ देता गया। उसे आभाष ही नहीं था कि वह जो कुछ कर रहा है वह गलत है। रोहित उसके परिवार का ही बच्चा है। उसने जो कुछ गलत किया। उसे अपने किए पर पछतावा है।