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पुलिस की लापरवाही के कारण युवक को नहीं मिल सका अपनों का कंधा

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मृतक पिंटू का फाइल फोटो - फोटो : MAINPURI
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कुसमरा(मैनपुरी)। पुलिस की लापरवाही का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि वह एक साल तक युवक की मौत की खबर को परिजनों को नहीं दी। परिजन गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाने और चौकी के चक्कर लगाते रहे, वहीं पुलिसकर्मियों ने मौत की जानकारी देना भी मुनासिब नहीं समझा।
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पुलिसकर्मियों की लापरवाही से युवक अपनों का कंधा तक नसीब नहीं हुआ। लगातार पत्राचार का स्थानीय थाने से जवाब नहीं मिला तो खुद जीआरपी बरेली के एसआई ने एक साल बाद युवक के घर पहुंचकर दुखद सूचना परिजनों को दी। कस्बा निवासी राजेंद्र सिंह का 30 वर्षीय पुत्र पिंटू 28 अगस्त 2018 को अपनी ननिहाल रसूलाबाद कानपुर देहात गया था।
लेकिन वह ननिहाल नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने उसकी हर संभव स्थान पर तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं लग सका। पिता राजेंद्र सिंह ने गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए चौकी से लेकर थाने तक के कई चक्कर काटे, लेकिन गुमशुदगी तक दर्ज नहीं हो सकी। सोमवार की देर रात बरेली जंक्शन के एसआई इंद्रजीत सिंह कुसमरा चौकी पहुंचे।
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वहां पिंटू के परिजनों को बुलाने के बाद बताया कि पांच सितंबर 2018 को बरेली जंक्शन पर बोगी पर चढ़ते समय करंट की चपेट में आने से पिंटू की मौत हो गई थी। इसकी सूचना पत्र द्वारा किशनी पुलिस को भेजी गई थी। इसके बाद कई बार इस संबंध में पत्राचार किया गया था। जब कोई जवाब नहीं मिला तो आखिरकार उन्हें चौकी आना पड़ा।
बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन होश हवास खो बैठे। मृतक के पिता का कहना है कि अगर पुलिस समय पर गुमशुदगी दर्ज करती या मौत की सूचना दे देती तो कम से कम वह बेटे के अंतिम दर्शन तो कर लेते। उसे अपनों का कंधा तो नसीब होता। पुलिस की लापरवाही से लावारिस की तरह उसके बेटे के शव का अंतिम संस्कार हुआ है।
मामला बेहद गंभीर है, हालांकि अब पुलिसकर्मियों की तैनाती में बदलाव हो चुका है। फिर भी पता कराया जाएगा कि जीआरपी द्वारा सूचना भेजने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने परिजनों को जानकारी क्यों नहीं दी।
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-ओमप्रकाश सिंह, एएसपी।
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