फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिकंदरपुर छोड़ कर चला गया गुरजीत

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। गांव सिकंदरपुर में शुक्रवार की रात विधवा और उसके प्रेमी का सिर मुंडवाने के बाद चेहरे पर कालिख पोतने के बाद गले में जूता चप्पल की माला डालकर गांव में घुमाया गया था। शर्मसार कर देने वाली इस घटना के बाद सोमवार को दोनों अपने बच्चों को साथ लेकर पलायन कर गए। दोनों फिरोजाबाद जिले में अपनी रिश्तेदारी में चले गए। पुलिस ने गांव में रहने के लिए कहा लेकिन वह हिम्मत नहीं जुटा सके।
विज्ञापन

बीते शुक्रवार की रात गांव सिकंदरपुर निवासी एक विधवा और प्रेमी गुरजीत कठेरिया को महिला के ससुराली पक्ष के लोगों और ग्रामीणों ने घर से खींचकर अपमानित किया था। दोनों के सिर मुंडवा दिए गए थे। इतना ही नहीं चेहरे पर कालिख पोतने के साथ ही जूते-चप्पल की माला डालकर गांव में घुमाया गया।
मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस घटना के बाद पुलिस तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। अन्य की तलाश जारी है। घटना के बाद से ही गुरजीत व महिला सहमे हुए थे। गांव जाकर गुरजीत अपना सामान एक गाड़ी में लाद कर शहर आ गया। सोमवार को दोनों लोग अपने बच्चों के साथ फिरोजाबाद रिश्तेदारी में चले गए। इस दौरान पुलिस ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए रोकने के प्रयास भी किए। दोनों ने उस गांव में दोबारा जाने की बात से साफ इनकार कर दिया।
विज्ञापन

गुरजीत हारा या पुलिस प्रशासन
गांव सिकंदरपुर में हुई घटना के बाद गुरजीत व विधवा महिला भयभीत थे। दोबारा गांव में जाना उन्हें खतरे से खाली नहीं लग रहा था। इस बीच दो दिनों तक वह शहर में ही रहे। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार तो किया, लेकिन गुरजीत व महिला को हिम्मत देना भूल गए। शायद यही वजह रही कि दोनों को सोमवार को गांव से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा। लोगों का कहना है कि जो भी हुआ, लेकिन इसमें एक बात का जवाब मिलना भी जरूरी है कि आखिर यह गुरजीत की हार है या पुलिस प्रशासन की।
गुरजीत को सुरक्षा का भरोसा दिया गया। उसे रोकने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन उसके किसी की नहीं सुनी। वह महिला और बच्चों के साथ फिरोजाबाद रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर चला गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन

- भानुप्रताप सिंह, कोतवाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें