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पोस्टमार्टम के 16 घंटे बाद हो सका शिवानी का अंतिम संस्कार

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मृतका शिवानी का फाइल फोटो - फोटो : MAINPURI
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फोटो-25, 26
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पोस्टमार्टम के बाद 16 घंटे तक घर में रखी रही लाश
रिपोर्ट दर्ज न किए जाने के चलते परिजनों ने नहीं किया था अंतिम संस्कार
अधिकारियों की मध्यस्ता के बाद शुक्रवार देर रात दर्ज हो सका मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
किशनी (मैनपुरी)। मायके में फांसी लगाकर खुदकुशी करने वाली महिला का अंतिम संस्कार थाना पुलिस के मनमाने रवैया के चलते शनिवार सुबह 16 घंटा बाद हो सका। परिजनों की चेतावनी के बाद भी समय रहते थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस के रवैये से परिजनों में आक्रोश है। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार देर रात पति व अन्य ससुरालीजनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
गांव हरचंदपुर रोड निवासी 21 वर्षीय शिवानी पत्नी रवि प्रताप ने बृहस्पतिवार की रात अपने मायके में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। शुक्रवार की सुबह जानकारी होने के बाद परिजनों ने थाना पुलिस को सूचना दी थी। मृतका के भाई विवेक ने पति रविप्रताप निवासी आश्रम रोड बसंत बिहार कॉलोनी शहर कोतवाली व अन्य ससुरालीजनों पर दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। ससुरालीजनों की प्रताड़ना से तंग आकर ही बहन के खुदकुशी करने का आरोप लगाया। थाना पुलिस ने आनन फानन में शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। वहीं जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। पोस्टमार्टम के बाद भी जब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो मृतका के मायके वालों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
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दूसरी ओर प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह की ओर से भी बेतुके बयान देते हुए पीड़ित पक्ष पर ही मुकदमा लिखाने की बात कही थी। थाना पुलिस की हठधर्मी और परिजनों की मांग के बीच देर रात तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका। शुक्रवार देर रात एएसपी मधुवन कुमार के आदेश पर पुलिस ने पति रवि प्रताप, ससुर शिवराज सिंह और सास शकुंतला देवी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद परिजनों ने शनिवार सुबह करीब आठ बजे शव का अंतिम संस्कार किया।
प्रभारी निरीक्षक की कार्यशैली पर उठे सवाल
शिवानी द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद लगातार थाना पुलिस मुकदमा दर्ज करने को लेकर टाल मटोल करती रही। शिवानी के भाई विवेक धाकरे ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक ने उसकी बात सीओ भोगांव प्रयांक जैन से कराई। सीओ ने भी खुदकुशी के लिए प्रेरित किए जाने का मामला दर्ज कराने की बात पर सहमति भी जताई। फिर पोस्टमार्टम के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। तब परिजन शव को घर ले गए और अंतिम संस्कार न करने का फैसला किया। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि पति सहित ससुराल पक्ष के लोग पोस्टमार्टम के बाद किशनी आए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में नहीं लिया। विवेक ने प्रभारी निरीक्षक की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
कार बेंचकर बहनोई को दिए थे 50 हजार
मृतका के भाई विवेक धाकरे ने बताया कि ससुरालीजन बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। 29 जुलाई को जब वह बहन को लेकर उसकी ससुराल गया था। तब अपनी कार बेचकर मिले 50 हजार रुपये बहनोई को दिए थे। बहन के घर आने के बाद भी बहनोई बहन को और रुपयों के लिए परेशान कर रहा था।
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मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर पति सहित तीन लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य तथ्यों पर गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करेगी।
प्रयांक जैन, सीओ भोगांव
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