कोसीकलां (मथुरा)। कोकिलावन स्थित शनिदेव धाम मंदिर के महंत पद को लेकर उपजा विवाद थम नहीं रहा है। मंगलवार को महंत प्रेमदास महाराज गठौना पाल के लोगों के साथ थाने पहुंचे और अपनी जानमाल को खतरा बताकर सुरक्षा मांगी है। उन्होंने इस बाबत अज्ञात लोगों द्वारा साजिश रचने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने सहित जान को खतरा बताते हुए प्रार्थना पत्र भी दिया है।
शनिधाम की महंत की गद्दी के उत्तराधिकार को लेकर अब लड़ाई तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर कोकिलावन के महंत प्रेमदास महाराज भी मुखर हो गए हैं। मंगलवार को महंत प्रेमदास महाराज कई ग्रामीणों को साथ लेकर थाने पहुंचे। जहां उन्होंने इंस्पेक्टर प्रमोद पंवार दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि कुछ लोग उनको बदनाम करने और मंदिर की गद्दी को लेकर विवाद पैदा कर रहे हैं। जबकि उन्होंने अपने चेला जानकीदास को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है।
वहीं भगवानदास को वृंदावन मंदिर का महंत बनाया था। अब भगवानदास कोकिलावन की गद्दी का उत्तराधिकार चाहते हैं। कुछ लोग इसी मंशा के साथ उनकी जान के पीछे पड़े हैं। उनके साथ विजेंद्र सिंह, बच्चू सिंह , मोहन सिंह, टीकम सुखदेव, जयदेव, पप्पू गोस्वामी, सुखदेव, जाव, भदावल सियाराम भगत, केशव देव, हरदयाल, धनीराम, श्याम अशोक कुमार सहित तमाम लोग थे। उधर मामले को लेकर इंस्पेक्टर प्रमोद पंवार ने बताया कि प्रेमदास महाराज ने अपनी सुरक्षा से संबंधित मांग की थी।
20 को होनी थी पंचायत
कोसीकलां। इंस्पेक्टर प्रमोद पंवार ने बताया कि मंदिर के महंत पद के विवाद को लेकर 20 नंबर को पंचायत होनी थी, लेकिन पुलिस पता लगने पर सख्ती की गई। करीब 40 लोगों के खिलाफ पाबंद करने की कार्रवाई की गई, इससे पंचायत करने वाले लोग भूमिगत हो गए।