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साल 2018 में लूट, हत्या, दुष्कर्म से दहलता रहा मथुरा, डरावने हैं अपराध के आंकड़े

Wed, 26 Dec 2018 06:38 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
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crime - फोटो : pexels.com
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कमजोर पुलिसिंग ने मथुरा को क्राइम बेल्ट बनाकर रख दिया। साल 2018 में हत्या, लूट, डकैती और दुष्कर्म की वारदात से पूरा जिला दहलता रहा। कई मामलों में विधानसभा से लेकर विधान परिषद तक में मथुरा का क्राइम गूंजा। 
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यहां महिलाओं के साथ बढ़ता अपराध बताता है कि पुलिस पूरी तरह से फेल है। चाहे मंत्री की गैस एजेंसी के पैसे की लूट का मामला हो या मंत्री के रिश्तेदार की हत्या का.., क्राइम का ग्राफ कम नहीं हुआ। विदेशी युवती के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने तो मथुरा को सात समुंदर पार तक बदनाम कर दिया। 

एक मासूम बच्चे की पुलिस की गोली से जान चली गई थी। इसमें जांच बैठी लेकिन हुआ कुछ नहीं। पुलिस अधिकारी तो बदलते रहे लेकिन एक दो को छोड़कर वह मथुरा का क्राइम कंट्रोल करने में पूरी तरह से फेल साबित हुए। 
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महानगर की बड़ी घटनाएं जो सनसनी बनी रहीं

मथुरा में अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक करीब छह लोगों की हत्या करके उन्हें बिटौरे में रखकर फूंक दिया गया। कई महिलाओं के शव हाईवे और एक्सप्रेसवे किनारे फेंके गए। मगर पुलिस किसी की भी शिनाख्त नहीं करा सकी...। 

- 7 जनवरी 2018 को प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी की गैस एजेंसी से 4.50 लाख की लूट हुई।
- 10 जनवरी को शेरगढ़ के गांव सेही में चाचा-भतीजे को गोलियों से भून डाला था।
- 17 जनवरी को पुलिस की गोली से मोहनपुर अडूकी गांव में आठ साल के बच्चे माधव की मौत हो गई थी।
- 13 जनवरी को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री के रिश्तेदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- 11 अप्रैल को जमुनापार के पानीगांव में दो सगे भाइयों की खेत पर हत्या कर दी गई थी।
- 25 नवंबर को विदेशी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
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2018 की वो वारदात जो दर्ज हुईं 

हत्या- 75
डकैती- 5 
लूट- 75 
सामूहिक दुष्कर्म- 73
अपहरण- 3
दहेज हत्या- 36
छेड़छाड़- 195
महिला उत्पीड़न- 185

एक्सप्रेसवे और हाईवे की वारदात से दूर तक फैली दहशत
यमुना एक्सप्रेसवे और हाईवे पर होने वाली वारदातों से दूर तक दहशत फैली। हाईवे पर तो एक महिला के साथ ट्रक में सामूहिक दुष्कर्म हो गया था तो यमुना एक्सप्रेसवे पर लूटपाट की कई घटनाएं हुईं। लेकिन पुलिस ने फिर भी चौकसी नहीं दिखाई। अभी भी जब कोहरे की धुंध छा रही है तब भी पुलिस सुरक्षा कहीं नजर नहीं आती है। जबकि डीजीपी तक मथुरा आकर पुलिस गश्त बढ़ाने को कह गए थे।
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