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संजलि हत्याकांड: योगेश का मोबाइल खुलते ही उठा राज से पर्दा, घर में मिले अहम सुबूत

Wed, 26 Dec 2018 02:50 AM IST
मुकेश कुमार आशीष शर्मा, अमर उजाला, आगरा
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घटना का खुलासा करते एसएसपी अमित पाठक - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के संजलि हत्याकांड की गुत्थी उलझी हुई थी। पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था, लेकिन जैसे ही योगेश ने खुदकुशी की, वैसे ही लाइन मिल गई। पुलिस ने उसका मोबाइल खोला तो घटना के खुलासे की उम्मीद जाग गई। उसके घर का मुआयना किया तो कड़ियां जुड़नी शुरू हो गईं।
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योगेश के मोबाइल में संजलि के पिता का नंबर था। यह गुड्डू चाचा के नाम से सेव था। इस नंबर पर व्हाट्स एप चैट मिली। पुलिस ने डाटा रिकवर किया
था। चैट में योगेश और संजलि के बीच झगड़ा हो रहा था। पुलिस का शक और पुख्ता हो गया। 

योगेश के घर पर संजलि को लिखे गए कुछ पत्र मिले, जिन्हें वह उसे दे नहीं पाया था। योगेश के सिर इश्क का जुनून था, जबकि संजलि चाहती थी कि वह
भाई की तरह ही व्यवहार करे। वह उसे हर रक्षाबंधन पर राखी बांधती थी, भाई दूज पर टीका करती थी। यह सारी बातें व्हाट्स एप चैट से साफ थीं।

यू-ट्यूब पर बना रखा था चैनल

मृतक योगेश का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
योगेश ने यू ट्यूब मोटिवेशनल गुरु नाम से चैनल बना रखा था। इस पर मोटिवेशनल स्पीच थीं। वो संजलि के घर जाने लगा। उससे कहा कि उसे मॉडल बनवाएगा। इसमें 1.5 लाख रुपया खर्च कर दिया। योगेश को लगा कि संजलि अब उसके जाल में फंस जाएगी लेकिन वो समझदार थी। 

उसका इरादा भांप गई। साफ इंकार कर दिया। बोलचाल बंद कर दी। उससे घर आने के लिए मना कर दिया। फोन उठाना तक बंद कर दिया। ये बातें भी व्हाट्सएप से मिलीं। इससे साफ हो चुका था कि योगेश बुरी तरह से आहत था। अब कुछ और सुबूतों की जरूरत थी क्योंकि वारदात में अकेला योगेश शामिल नहीं था। उसके दोस्तों की सूची बनी तो आकाश और विजय के नाम भी आए।
 
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यह सुबूत मिले 

- संजलि और योगेश की व्हाट्स एप पर हुई बातचीत।
- योगेश के घर मिले संजलि को लिखे गए खत।
- योगेश के मोबाइल में मौका-ए-वारदात पर संजलि का फोटो।
- योगेश का बैग जिसमें कपड़े लेकर गया था। 
- योगेश के घर मिली उस साइकिल की रसीद जो संजलि के पास थी।
- वारदात में इस्तेमाल किए गए हेलमेट।
- वारदात में इस्तेमाल की गईं दोनों बाइकें।
- योगेश के घर मिला वैसा ही सर्टिफिकेट जैसा संजलि के घर था।

झूठ बोलने की मशीन था योगेश

योगेश ने कितने झूठ बोले, गिनती करनी मुश्किल है। उसने संजलि के परिवार से कहा कि संजलि ने एक प्रतियोगिता में साइकिल जीती है, जबकि यह
साइकिल वह खुद खरीदकर लाया था। इसका बिल उसके घर से मिला। उसने प्रतियोगिता का प्रमाणपत्र तक फर्जी बना दिया। ऐसा दूसरा प्रमाणपत्र संजलि
के घर से मिला।
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