एटा। उद्यान विभाग घोटाले का केंद्र बन गया है। यहां हर योजना पात्रों को कम खुद को ज्यादा लाभ देने का काम किया गया है। विभाग में पहले ही हो चुके खुलासों की जांच निपट नहीं पाई है तब तक एक और घोटाला सामने आ गया है। इस बार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लाभार्थियों को सिंचाई उपकरण के लिए राशि देने में खेल किया गया है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत सरकार किसानों को 90 फीसदी अनुदान देती है। इसमें ड्रिप, स्प्रिंकलर और रेन गन लगाए जाते हैं। विभाग के आंकड़े कहते हैं कि जिले में वर्ष 2018 के लिए आई योजना के तहत 108 किसानों को लाभ दिया गया, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। योजना में जिन किसानों को जोड़ा गया है उन किसानों को आधुनिक सिंचाई के संसाधन नहीं जुटवाए गए हैं। पीएमकेएसवाई में जिन किसानों को सम्मिलित किया गया, उनसे पहले ही तय कर लिया गया कि आपको हकीकत में लाभ लेना है तो ऐसे किसानों को भी जोडना होगा, जो भरोसेमंद हों और अनुदान का 50 फीसदी दे सकें। ऐसे लोगों को शामिल करने के बाद एक ही पिता की कई कई संतानों को लाभ दिखा दिया। जबकि लाभ लेने वाला व्यक्ति एक ही है और योजना का बंदरबांट करने वाले पांच। सूची में खुद ही विभागीय अधिकारी फंस गए हैं जिन्होंने ऐसे लोगों को पात्र दर्शाया है।
योजना की जिम्मेदारी उद्यान निरीक्षकों को दी गई है। मामले में किसी प्रकार की धांधली हुई है तो शासन को लिखा जाएगा। हालांकि अभी तक की जानकारी में ऐसा कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है।
- नलिन सुंदरम भट्ट, जिला उद्यान अधिकारी
यह हैं कुछ नाम जिन्हें बनाया गया जरिया
लाभार्थी पिता का नाम गांव का नाम ब्लाक दी गई धनराशि
अनार सिंह नत्थू सिंह महमूदपुर नगरिया मारहरा 126634
जयवीर सिंह नत्थू सिंह महमूदपुर नगरिया मारहरा 126634
रामदास नत्थू सिंह महमूदपुर नगरिया मारहरा 126634
एदल सिंह नत्थू सिंह महमूदपुर नगरिया मारहरा 126634
राकेश कुमार नत्थू सिंह महमूदपुर नगरिया मारहरा 73489
नोट:- यह नाम बस उदाहरण के लिए हैं। सूची में ऐसे कई और नाम भी शामिल हैं।