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Agra Fort: तेज आवाज से दीवान-ए-आम में आईं दरारें, जी-20 के मेहमानों के लिए हुई थीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

Tue, 14 Feb 2023 10:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

किले के दीवान ए आम में इसी जगह पर 10 फरवरी को तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाकर रिहर्सल की गई थी, जिसके बाद 11 फरवरी को जी-20 मेहमानों के लिए प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया गया था।
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दीवान-ए-आम में आईं दरारें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में जी-20 मेहमानों के लिए आगरा किले के दीवान-ए-आम में तेज आवाज में लाउडस्पीकर चलाने और रिहर्सल के दौरान की तैयारियों में तेज धमक से उसकी छत में दरारें आ गईं। सोमवार को पर्यटकों ने इसकी शिकायत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों से की, जिस पर दोपहर बाद एएसआई अधिकारियों का दल दीवान ए आम में इन दरारों को देखने के लिए पहुंचा। बेहद गंभीर दरारें देखकर तुरंत यहां बैरिकेडिंग करा दी गई, ताकि प्लास्टर या पत्थर किसी पर्यटक के ऊपर न गिर पड़े।

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सोमवार को दीवान-ए-आम की दीवारों के लाइम प्लास्टर और पत्थरों में चटकन देखी गई। एएसआई की एक्सपर्ट टीम ने जांच की तो पाया कि कई जगह पर पत्थरों का मुंह खुल गया है, जिनके गिरने की आशंका है। यहां पर 10 और 11 फरवरी को तेज आवाज में साउंड सिस्टम चलाया गया था, जिसकी धमक से प्लास्टर और दीवारों में दरारों का खतरा बताया गया है।

ताजमहल समेत सभी विश्वदाय स्मारकों में 40 डेसिबल से कम ही ध्वनि की अनुमति है, पर किले में इससे कई गुना ज्यादा डेसिबल साउंड सुनाई दिया था। विशेषज्ञ टीम का मानना है कि पहले बेहद हल्की दरारें साउंड सिस्टम के कारण बढ़ गईं।

अधीक्षण पुरातत्वविद ने साधी चुप्पी

किले के दीवान-ए आम में प्लास्टर और छत पर आई दरारों के बारे में आगरा सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल से जानकारी की गई, लेकिन उन्होंने इस मामले में चुप्पी साध ली। उन्होंने अनौपचारिक रूप से कहा कि क्रेक दिखाई दे रहे हैं, फिलहाल पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नीचे बैरिकेडिंग करा दी गई है ताकि किसी को प्लास्टर या पत्थर गिरने से नुकसान ना पहुंचे। क्रेक के क्या कारण हैं, उनके बारे में वह कुछ नहीं बता सकेंगे।

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एक्सपर्ट टीम ने दरारों को माना गंभीर

 दरारों के आने के बाद एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद ने एक्सपर्ट टीम के साथ किले में जाकर इन दरारों को देखा। टीम ने छत पर जाकर भी देखा। एक्सपर्ट टीम में शामिल इंजीनियरों और पुरातत्वविदों ने इन दरारों को गंभीर माना है।

टेल टेल ग्लास लगाकर देखेंगे चौड़ाई

एक्सपर्ट टीम में शामिल सदस्यों के मुताबिक किले के दीवान ए आम की दीवारों और छतों के बीच में जो दरारें आई हैं, उनकी जांच के बाद इसमें टेल टेल ग्लास लगाया जाएगा, जिससे इन दरारों के बढ़ने का ब्योरा मिल सकेगा। जी-20 शो से पहले केवल एक या दो जगहों पर ही प्लास्टर में यह चटकन दिखाई दे रही थी, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद सोमवार को पूरे दीवान ए आम में दस से ज्यादा जगहों पर दरारें आ गईं जो ज्यादा चौड़ी और गहरी भी नजर आईं।

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