आगरा में जी-20 मेहमानों के लिए आगरा किले के दीवान-ए-आम में तेज आवाज में लाउडस्पीकर चलाने और रिहर्सल के दौरान की तैयारियों में तेज धमक से उसकी छत में दरारें आ गईं। सोमवार को पर्यटकों ने इसकी शिकायत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों से की, जिस पर दोपहर बाद एएसआई अधिकारियों का दल दीवान ए आम में इन दरारों को देखने के लिए पहुंचा। बेहद गंभीर दरारें देखकर तुरंत यहां बैरिकेडिंग करा दी गई, ताकि प्लास्टर या पत्थर किसी पर्यटक के ऊपर न गिर पड़े।
किले के दीवान-ए आम में प्लास्टर और छत पर आई दरारों के बारे में आगरा सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल से जानकारी की गई, लेकिन उन्होंने इस मामले में चुप्पी साध ली। उन्होंने अनौपचारिक रूप से कहा कि क्रेक दिखाई दे रहे हैं, फिलहाल पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नीचे बैरिकेडिंग करा दी गई है ताकि किसी को प्लास्टर या पत्थर गिरने से नुकसान ना पहुंचे। क्रेक के क्या कारण हैं, उनके बारे में वह कुछ नहीं बता सकेंगे।
दरारों के आने के बाद एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद ने एक्सपर्ट टीम के साथ किले में जाकर इन दरारों को देखा। टीम ने छत पर जाकर भी देखा। एक्सपर्ट टीम में शामिल इंजीनियरों और पुरातत्वविदों ने इन दरारों को गंभीर माना है।
एक्सपर्ट टीम में शामिल सदस्यों के मुताबिक किले के दीवान ए आम की दीवारों और छतों के बीच में जो दरारें आई हैं, उनकी जांच के बाद इसमें टेल टेल ग्लास लगाया जाएगा, जिससे इन दरारों के बढ़ने का ब्योरा मिल सकेगा। जी-20 शो से पहले केवल एक या दो जगहों पर ही प्लास्टर में यह चटकन दिखाई दे रही थी, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद सोमवार को पूरे दीवान ए आम में दस से ज्यादा जगहों पर दरारें आ गईं जो ज्यादा चौड़ी और गहरी भी नजर आईं।