आगरा के मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में मंगलवार को 55वीं संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक हुई। बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंडलायुक्त ने उन स्कूल बसों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जो बिना वैध फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही हैं।
मंडलायुक्त ने आगरा संभाग में बिना फिटनेस संचालित हो रहे 94 स्कूली वाहनों की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्कूल बसों की फिटनेस समाप्त हुए 3 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, उनके परमिट तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएं। अमर उजाला ने बिना फिटनेस और परमिट दौड़ रही स्कूली वाहनों की खबर लिखकर नौनिहालों की जान से हो रहे खिलवाड़ का मुद्दा उठाया था।
बैठक में आदेश दिए गए कि जिन वाहनों की फिटनेस खत्म हुए 6 माह से अधिक हो गए हैं, उनके परमिट 90 दिनों के लिए निलंबित रहेंगे। 3 वर्ष से कम अवधि वाले डिफाल्टर वाहन स्वामियों और स्कूल प्रबंधकों को भी नोटिस जारी किए जाएंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश शासन की 9 अप्रैल 2026 की अधिसूचना को अंगीकृत करते हुए नियम-84 में संशोधन को स्वीकृति दी गई। अब यदि कोई परमिट धारक अपने वाहन का उपयोग निश्चित अवधि के लिए नहीं करना चाहता, तो वह ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा।
इसके अलावा आगरा संभाग के स्कूली वाहनों का अन्य संभागों में और पड़ोसी संभागों की स्कूल बसों के आगरा में उपयोग करने संबंधी प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। बैठक में डीएम मनीष बंसल, उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह, आरटीओ अरुण कुमार और आरटीओ प्रवर्तन अखिल द्विवेदी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आंकड़ों में परिवहन विभाग की कार्रवाई
आगरा: 627 नए परमिट जारी, 390 निरस्त।
फिरोजाबाद: 511 नए परमिट, 410 निरस्त।
मथुरा: 589 नए परमिट, 333 निरस्त।
मैनपुरी: 376 नए परमिट, 217 निरस्त।