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एटा गोकशी केस: बंधक बनाकर आंखों के सामने करते रहे गोवंशों का कत्ल, विरोध पर पीटा; मंजर देख कांप उठे पैर

Fri, 05 May 2023 02:58 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

एटा में गो-तस्करों ने गोशाला में घुसकर की गोकशी की वारदात को अंजाम दिया था। विरोध करने पर तीन लोगों को जमकर पीटा। इसके बाद तीनों को बंधक बनाकर वहीं फेंक गए थे। 
 
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मौके का मुआयना करती पुलिस टीम व मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा के शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पवांस की गोशाला पर धाबा बोलकर गांव लखमीपुर निवासी तीन लोगों को बंधक बनाने के बाद उनकी आंखों के सामने ही गोवंशों को कत्ल किया था। यह बात घायलों ने अधिकारियों को अपनी जुबानी बताई है। गोकशी करने वालों की भाषा क्षेत्रीय नहीं थी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भाषा बताई गई है। 

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घायल गौरव ने बताया कि 'जब तक मैं पहुंचा था, तब तक ज्यादातर गोवंशों को काटा जा चुका था। कुछ गोवंश उनके कब्जे में थे, जिनको मेरी आंखों के सामने काटा गया। गांव के ही हृदेश और इनके पुत्र शिवम के हाथ बंधे हुए थे। उन्हें लाठियों से पीटकर चलने की स्थिति में नहीं छोड़ा था। बातचीत से कुछ लोगों की भाषा स्थानीय लग रही थी। लेकिन ज्यादातर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भाषा बोल रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे मेरठ या मुजफ्फरनगर के लोग हैं।'

वहीं घायल शिवम ने बताया कि 'पिता के साथ जब मुझे पकड़ा था, तो सबसे पहले लाठियां पैरों में मारीं। गिर गए तो हाथ-पैर बांधकर बंधक बना लिया। मेरी आंखों के सामने ही गोवंशों का काटा जा रहा था। इस वीभत्स नजारे को हम लोग देख नहीं पा रहे थे। सिर को नीचे कर लिया था। हमलावरों की भाषा मेरठ साइड जैसी थी।'
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इसकी भी चर्चा

कोतवाली देहात में तैनात रहे थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने 24 जनवरी को मेरठ के एक गोतस्कर गैंग के इसरार, रहीसुद्दीन, परवेश, नदीम और अतीक निवासीगण खरदौनी शेखपुर थाना इंचौली जिला मेरठ को मुठभेड़ में पकड़ा था। अपराधी जेल में हैं, लेकिन नेटवर्क प्रदेश भर में फैले होने की बात सामने आई है। चर्चा है कि कहीं पुलिस बदला लेने के लिए लगातार वारदातें तो नहीं की गईं हैं।

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चौकीदार बोला झूठ, गोशाला पर नहीं था मौजूद

ग्राम पंचायत पवांस में संचालित गोशाला पर तैनात चौकीदार सूबेदार सिंह वारदात वाली रात मौजूद ही नहीं था। पहले दिन चौकीदार झूठ बोला था। पुलिस पूछताछ में साफ हो गया है कि वारदात वाली रात चौकीदार गायब था। पुलिस चौकीदार को ही राजदार मानकर चल रही है और खुलासा जल्द करने की बात कही जा रही है। सीओ सिटी विक्रांत द्विवेदी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि चौकीदार वारदात वाले दिन मौजूद नहीं था। उसकी भूमिका संदिग्ध लग रही है।
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