कासगंज के सोरों में सड़क के बीचों बीच बैठे बेसहारा पशु
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कासगंज। सड़कों पर घूम रहे आवारा और बेसहारा पशु लोगों की जान के लिए मुसीबत बने हुए हैं। आए दिन इन पशुओं के कारण हादसे हो रहे हैं। डीएम ने रात्रि निरीक्षण में सड़कों पर बेसहारा और आवारा पशु भ्रमण करते पाए हैं। पशु चिकित्सा विभाग के साथ ही विकास विभाग के अफसरों को गंभीरता दिखाने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने रात्रि भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत मामों, प्रह्लादपुर एवं न्यौली क्षेत्र में निराश्रित आवारा पशुओं को विचरण करते हुए देखा। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि संबंधित क्षेत्र में आवारा और बेसहारा पशुओं सड़क पर भ्रमण करने से रोकें। इसके लिए दिन और रात में अभियान चलाया जाए। डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि किसी विकास क्षेत्र में निराश्रित और आवारा पशु भ्रमण करते पाए गए तो संबंधित खंड विकास अधिकारी के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
-तीन माह में एक बार पशुपालकों को कराना होगा गोवंशों का सत्यापन।
- एक पहचान पत्र पशुपालक को देना होगा।
- चार गोवंश ही मिल सकेंगे एक पशुपालक को।
- 900 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे संरक्षण के लिए।
- निरीक्षण में पाया गया कि कई जगह बेसहारा और आवारा पशु घूम रहे थे। जिससे सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। हमने सभी खंड विकास अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं। पशु चिकित्सा विभाग को भी निर्देशित किया है कि गोवंश सौभाग्यता योजना के तहत भी गंभीरता दिखाएं। चंद्र प्रकाश सिंह, डीएम।
- पशु पालक मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत आवेदन करें। जिससे उन्हें गोवंश दिए जा सकेंगे। निराश्रित गोवंशों का संरक्षण करने पर 900 रुपये प्रतिमाह पशुपालकों को दिए जाएंगे। डा. आरएस खोखर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
रिपोर्ट एवं संपादन अजय झंवर