कोरोना वायरसः जांच के लिए नमूने लेते कर्मी
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शासन के कोविड पोर्टल पर मरीजों के आंकड़े चढ़ाने के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के ऑपरेटर कम पड़ गए। ऑपरेटर की कमी से 20 से 25 दिन बाद मौतों का ब्योरा दर्ज हो रहा है। टुकड़ों में आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं। तीन दिन में 28 मौतें पोर्टल पर दर्ज की गई हैं। जबकि पिछले दो दिन में एसएन में शुक्रवार को दो मरीजों की मृत्यु हुई है।
जिला प्रशासन ने हलवाई बगीची स्थित सीएमओ कार्यालय में कोविड डेटा सेंटर बनाया है। जहां कोविड सर्विलांस सेल हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि दो कंप्यूटर ऑपरेटर थे। अब 10 ऑपरेटर नए लगाए हैं। मरीजों की रिपोर्ट, दस्तावेज व अन्य प्रमाणों की पुष्टि होने के बाद ऑपरेटर डेटा को पोर्टल पर अपडेट करते हैं। शुक्रवार को नौ मृतकों का ब्योरा पोर्टल पर चढ़ाने से जिले में अब मृतक संख्या 354 हो गई है। पिछले तीन दिन में 28 मरीजों की मौतें दर्ज की गई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि मृतकों के आंकड़े पुराने हैं। इन्हें पोर्टल पर अब फीड किया है। जिला प्रशासन की इस हीलाहवाली के कारण कोविड आंकड़ों की विश्वसनीयता पर ही प्रश्नचिह्न लग रहा है। लखनऊ और आगरा की कोविड रिपोर्टें भी लंबे समय से आपस में मेल नहीं खा रही हैं।
5038 लोगों की जांच में मिले 75 नए मरीज
ताजनगरी में संक्रमण थमने लगा है। शुक्रवार को 24 घंटे में 5038 लोगों की जांच में 75 नए मरीज मिले हैं। कुल मरीजों की संख्या 25257 हो गई। दो मरीजों की मौत हुई है, सात पुराने मामलों सहित नौ मृतकों का ब्योरा दर्ज होने से मृतक संख्या 354 हो गई है। जिले में शुक्रवार तक 8.47 लाख लोगों की जांच हो चुकी है। जिनमें कुल संक्रमित 25257 मिले हैं। 156 नए समेत कुल 23834 मरीज ठीक हो चुके हैं। 1069 एक्टिव केस बचे हैं। मरीजों के स्वास्थ्य होने की दर अब 94.37% है।
आगरा: प्रशासनिक आंकड़ों में हेराफेरी के आरोप, मौत के 20 से 25 दिन बाद दर्ज हुईं 19 मरीजों की मृत्यु रिपोर्ट