आगरा में कोरोना जांच के लिए सैंपल अब तभी लिए जाएंगे, जब लक्षण दिखाए देंगे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसकी गाइडलाइन जारी की है। इसका हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की सैंपलिंग का तरीका बदल दिया है।
ताजनगरी में मार्च और अप्रैल में जब कोरोना संक्रमण का फैलाव हुआ तो स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व प्रशासन एक-एक संदिग्ध को घर से खोज कर उनकी जांच कर रहा था। तब 70 प्रतिशत से अधिक ऐसे संक्रमित मिले जिनमें लक्षण नहीं थे।
यह है प्रक्रिया
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि नए मरीजों के संपर्क में आए लोगों को पहले दिन से ही होम क्वारंटीन करते हैं। 18 घंटे में कॉन्टेक्ट सर्विलांस और दूसरे दिन संपर्कों की थर्मल व ऑक्सीजन स्तर की जांच होती है।