कोरोना रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्हें भर्ती करने और उपचार के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में अब संक्रमितों को होम आईसोलेशन में इलाज पर विचार चल रहा है। गुरुवार को इस संबंध में मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर डीएम से होम आईसोलेशन की गाइडलाइन पर चर्चा की।
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि संक्रमितों को अब होम आईसोलेशन में रखने पर विचार हो रहा है। दिल्ली में ये शुरू हो गया है। शासन से अभी शासनादेश का इंतजार है। इस संबंध में गुरुवार को मुख्य सचिव ने तैयारियों पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि जिनका परिवार छोटा होगा।
घर में अलग कमरा व अलग शौचालय व स्नानघर होगा, वहां सामान्य लक्षणों के संक्रमित रोगियों को आईसोलेट किया जा सकेगा। उनकी निगरानी के लिए चिकित्सकों की टीम होगी। घर में व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की हैं।
पहला जिला होगा आगरा
कोरोना संक्रमितों को होम आईसोलेशन में उपचार देने वाला आगरा पहला जिला होगा। इसकी तैयारियां अभी अधूरी हैं। डीएम ने बताया कि शासन से आदेश मिलते ही होम आईसोलेशन सुविधा शुरू हो जाएगी।
एसएन में कोविड अस्पताल फुल
एसएन की एमसीएच विंग में 100 बेड का आईसोलेशन कोविड अस्पताल है। यहां 96 मरीज भर्ती हैं। ऐसे में नए संक्रमितों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं। दो मई को यहां से 25 संक्रमितों को भर्ती करने के लिए लखनऊ भेजा गया था। इनके अलावा लेवल-1 के पांच अस्पतालों में 273 से अधिक संक्रमित भर्ती हैं।
ये है होम क्वारंटीन और आईसोलेशन में अंतर
होम क्वारंटीन: संक्रमित के संपर्क में आए संदिग्धों को रखा जाता है। इसमें एक कमरे में दो व्यक्ति भी रह सकते हैं। दोनों लोगों के बीच में एक मीटर की दूरी रहती है।
होम आईसोलेशन: ऐसे संक्रमित जिनमें सामान्य बुखार, खांसी है और उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं। ऐसे माइल्ड श्रेणी के पॉजिटिव होम आईसोलेशन में रखे जाते हैं। एक कमरे में एक ही व्यक्ति रखा जाता है।