जिला न्यायालय में पुलिस को दिशा निर्देश देते अधिकारी
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जिला जज साधना रानी ठाकुर ने दोपहर करीब 12 बजे राजा मान सिंह केस पर सुनवाई शुरू कर दी। अदालत के कटघरे में कुल 14 अभियुक्त मौजूद थे। जिला जज साधना रानी ठाकुर ने केस के 14 अभियुक्तों में से 11 को दोष करार दिया। जबकि तीन को बरी कर दिया। बरी किए जाने वाले अभियुक्तों पर 302 का आरोप नहीं था। उन पुलिसकर्मियों पर जांच और केस लिखने में गड़बड़ी का आरोप था।
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अदालत द्वारा निर्णय सुनाते ही 11 दोषी पुलिसकर्मियों को हिरासत में ले लिया गया। जबकि तीन को मुक्त कर दिया गया। यह जानकारी देते हुए डीजीसी शिवराम तरकर और वादी पक्ष के अधिवक्ता नारायन सिंह विप्लवी ने बताया कि दोष सिद्ध होने वाले सभी अभियुक्तों को अस्थाई जेल रतनलाल फूल कटोरी इंटर कालेज में भेजा गया है। इनकी सजा पर सुनवाई बुधवार को अदालत में होगी। अदालत में बजाव पक्ष के अधिवक्ता नवीन सक्सेना तथा कान सिंह सिरवी सीबीआई अधिकारी भी मौजूद रहे ।
ये दोषी सिद्ध हुए
- कान सिंह भाटी, सीओ
- वीरेन्द्र सिंह, एसएचओ
- रवि शेखर, एएसआई
- सुखराम, कांस्टेबल
- जीवन राम, कांस्टेबल
- भंवर सिंह, कांस्टेबल
- हरि सिंह, कांस्टेबल
- शेर सिंह, कांस्टेबल
- छत्तर सिंह, कांस्टेबल
- पदमा राम, कांस्टेबल
- जगमोहन, कांस्टेबल
ये किए गए मुक्त
- कान सिंह सिरवी, निरीक्षक
- गोविंदराम, कांस्टेबल (जीडी लेखक)
- हरिकिशन, कांस्टेबल (जीडी लेखक)
एसएसपी गौरव ग्रोवर ने न्यायालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपी सिटी उदय शंकर सिंह को सौंपी थी। जिसके लिए करीब 200 पुलिसकर्मी, थाना सदर बाजार के अलावा थाना गोविंद नगर और पीएसी भी तैनात रही। सभी अभियुक्त एक ही बस में राजस्थान एसटीएफ की सुरक्षा में मथुरा आए। सुबह करीब 11 बजे सभी अभियुक्त पहुंच गए थे। करीब 12 बजे उन्हें कड़े सुरक्षा घेरे में ले जाया गया। इसी प्रकार से उन्हें निर्णय के बाद कड़े सुरक्षा घेरे में जेल भेजा गया।
छत्तर सिंह की आखों की रोशनी कमजोर हुई
कांस्टेबिल छत्तर सिंह जब अदालत को जाने लगे तो उन्हें एक अन्य साथी ने सहारा दिया। उनकी आंखों की रोशनी काफी दिनों से कमजोर हो गई। उनके चेहरे पर रुमाल लगा था। पुलिस ने बाद में उन्हें मास्क उपलब्ध कराया।
हत्याकांड पर अदालत द्वारा निर्णय सुनाते ही राजा मानसिंह की बेटी कृष्णेंद्र कौर उर्फ दीपा सिंह (पूर्व मंत्री राजस्थान सरकार) के आंसू निकल आए। दीपा सिंह ने कहा कि देर है अंधेर नहीं। भले ही उन्हें 35 वर्ष बाद न्याय मिला हो पंरतु न्याय मिलने से वो बहुत खुश हैं। इससे भरतपुर की जनता को न्याय मिला है। अदालत में उनके अलावा राजा मान सिंह के दामाद विजय सिंह सिरोही, उनके पुत्र दुष्यंत सिंह, राजा मान सिंह की बड़ी बेटी गिरेन्द्र कौर उर्फ बंटी, धेवती गौरी सिंह मौजूद रहे ।
आखिर में राजा मान सिंह को न्याय मिला: विजय सिंह सिरोही
राजा मान सिंह हत्याकांड चश्मदीद गवाह और वादी रहे उनके दामाद विजय सिंह सिरोही ने बताया कि वो अब एक मात्र चश्मदीद बचे हैं । उन्होंने ही इसकी तहरीर दी थी। वो इस निर्णय से बहुत खुश हैं आखिर में राजा मान सिंह को न्याय मिला।