मथुरा में पांच साल पहले छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सीट को लेकर हुए विवाद में तीन निहंगों द्वारा की गई तलवारबाजी में दो युवकों की मौत हो गई थी।
एक ने तो मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दूस की मौत इलाज के दौरान करीब एक महीने बाद हुई। इस मामले में एडीजे पंचम की कोर्ट ने तीनों निहंगों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यह सनसनीखेज वारदात 30 अगस्त 2013 को मथुरा जीआरपी क्षेत्र में रुनकता के पास हुई थी। इस ट्रेन के जनरल कोच में बैठे निहंग भटिंडा निवासी गरजंट सिंह, भूपेंद्र सिंह तथा लुधियाना निवासी जगदीश सिंह सीट पर बैठे चार-पांच यात्रियों को धमकाते हुए उठाने लगे।