आगरा में विवाहिता को जिंदा जलाकर मारने की कोशिश के मामले में पति, देवर और भतीजा दोषी मिले। अदालत ने सभी को पांच वर्ष की सजा सुनाने के साथ अर्थदंड लगाया।
उत्तर प्रदेश के आगरा में पत्नी को जिंदा जलाकर मारने की कोशिश के मामले में अदालत ने सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पति, देवर और भतीजे को दोषी पाया। अपर जिला जज नीरज कुमार बख्शी ने सभी को पांच-पांच साल कैद और 15 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई।
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मामला ताजगंज थाना क्षेत्र के गांव गढ़ बुढ़ाना का है। राम प्रताप ने थाने में तहरीर दी थी। बताया कि उन्होंने 2014 बहन हरदेवी की शादी राजपाल के साथ की थी। अतिरिक्त दहेज के लिए हरदेवी के साथ मारपीट की जाती थी। तीन मई 2016 को शाम करीब 5 बजे पति सहित अन्य ने हरदेवी को जलाकर मारने की कोशिश की।
उन्होंने पति राजपाल, देवर भरत सिंह और भतीजे सोनू को आरोपी बनाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की। विवेचना के बाद पति राजपाल, भरत सिंह और सोनू के विरुद्ध आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया। अधिवक्ता रामदत्त दिवाकर और एडीजीसी नाहर सिंह ने अदालत में साक्ष्य पेश किए।