आगरा में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी का स्पष्ट कारण अदालत में नहीं बता पाने पर पुलिस का रिमांड प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया गया। अदालत ने विवेचक से सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा और आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
अदालत में विवेचक शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का आधार और कारण स्पष्ट रूप से नहीं बता सका। इस पर प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-1 मो. साजिद ने पुलिस का रिमांड प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया। साथ ही विवेचक आलोक कुमार (उप निरीक्षक) से 7 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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थाना शाहगंज में मुरली विहार कॉलोनी निवासी सनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी को 2 सितंबर को अदालत में पेश किया। विवेचक ने 15 दिन की रिमांड के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर विवेचना आगे बढ़ाने की मांग की। आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में आपत्ति दाखिल करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के समय और अदालत में पेश करने से पहले आरोपी को गिरफ्तारी का कारण एवं आधार मौखिक अथवा लिखित रूप में नहीं बताया गया।
गिरफ्तारी मेमो में भी गिरफ्तारी के आधार का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। विवेचक ने कारण गिरफ्तारी नामक प्रपत्र में केवल यह अंकित किया कि मुकदमे में गिरफ्तार किया गया है, लेकिन कोई विशिष्ट कारण दर्ज नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि कारण और आधार लिखित रूप से नहीं बताना प्रथम दृष्टया अवैधानिक है।