मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र में 18 साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी की हत्या करके शव गायब करने वाले पति को एफटीसी प्रथम जज अवनीश गौतम ने 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना एलाऊ के गंगदासपुर निवासी जयराम सिंह ने अपनी बहन राजकुमारी की शादी 1999 में विनय कुमार निवासी भोगांव से की थी। 31 मई 2003 को राजकुमारी की हत्या करके शव गायब कर दिया गया। जयराम ने विनय पर बाइक और सोने की चेन की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर हत्या करके शव गायब करने की रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने जांच करके विनय के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने विनय केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर विनय को हत्या करके शव गायब करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव ने विनय को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने उसको 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जेल में रहकर लड़ा मुकदमा
पत्नी की हत्या करके शव गायब करने के मामले में विनय की जमानत मंजूर नहीं हुई। उसे जेल में रहकर ही मुकदमा लड़ना पड़ा। मंगलवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
सबूत मिटाने में 10 हजार जुर्माना
विनय ने पत्नी राजकुमारी की हत्या करकेे शव गायब कर दिया। गवाही में विनय पर आरोप साबित हो गया। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने शव गायब करने में विनय पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही तीन साल की सजा भी सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।