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गवाही नहीं दे रहे लापरवाह 43 पुलिसकर्मी

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मैनपुरी। अदालतों में चल रहे 27 मुकदमों में गवाही देनेे में लापरवाही कर रहे 43 पुलिसकर्मी चिन्हित किए गए हैं। ये पुलिसकर्मी लंबित चल रहे मुकदमों में लंबे समय से अदालत के आदेश की अनदेखी कर रहे हैं। पुलिस कर्मियों को तय तारीख पर गवाही देने के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
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आपराधिक मामलों में विवेचक के साथ ही पंचनामा भरने वाले, थाने में रिपोर्ट लिखने वाले भी पुलिस की केस डायरी में अभियोजन पक्ष के गवाह बनाए जाते हैं। गंभीर प्रवृति के अपराध हत्या, हत्या का प्रयास, दहेज हत्या जैसे मामलों में भी पुलिस के गवाह सम्मन तामील होने के बाद भी तय तारीख पर अदालत में गवाही देने के लिए नहीं आते हैं। पुलिस कर्मियों द्वारा अदालत के आदेश की अनदेखी किए जाने सेे मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। लापरवाही बरत रहे पुलिस कर्मियों को तय तारीख पर अदालत में गवाही देने के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
तैनाती वाले स्थानों के एसपी को लिखे पत्र
गंभीर अपराधों में गवाही देनेे में लापरवाही कर रहे पुलिस कर्मियों की तैनाती वाले स्थानों के एसपी को भी पत्र लिखे गए हैं। अदालत की ओर से लिखे गए पत्रों में अदालत से भेजे गए नोटिस की संबंधित पुलिसकर्मी पर तामील कराकर तय तारीख पर उनको संबंधित अदालत में गवाही देने के लिए भेजने का आदेश दिया गया है।
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कारण बताओ नोटिस जारी
पुलिस कर्मियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। तय तारीख पर इन पुलिस कर्मियों को अदालत में गवाही नहीं देने के संबंध में अपना जवाब दाखिल करना है। अगर तय तारीख पर जवाब नहीं आता है तो उनके खिलाफ बिना जमानती वारंट जारी करने की भी चेतावनी दी गई है।
कई मामलों में पुलिस के गवाहों की लेट लतीफी से मुकदमे लंबित होते हैं। पुलिस के गवाहों के खिलाफ भी पब्लिक के गवाहों की तरह ही कार्रवाई होनी चाहिए। जिससे लंबित मुकदमों का शीघ्र निस्तारण किया जा सके।
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रामसेवक, पूर्व स्पेशल न्यायिक मजिस्ट्रेट
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