वर्तमान खसरा संख्या 924 का पुराना नंबर 1225 था, जो उस बैनामे में अंकित चला आ रहा है। उसी बैनामे के आधार पर खरीदारों का नाम चढ़ गया। जोध सिंह, चंद्रभान, सोबरन सिंह की मृत्यु के बाद उनके वारिसानों के नाम खतौनी में दर्ज हो गए, जिसमें लक्ष्मी नरायन और उनके सह खातेदारों के नाम थे।
अमर देवी ने भू माफिया के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर श्रीलाल की वारिस बन 16 अगस्त 1958 के नामों को हटाकर अपना नाम चढ़वाने की कार्रवाई कर 28 फरवरी 2020 को तहसीलदार से अन्य खातेदारों को सूचना दिए बिना नामांतरण करा लिया। उसके बाद 24 फरवरी 2021 को विपक्षीगणों ने अपना नामांतरण करा लिया।
आगरा में रहती हैं सांसद की पत्नी
लक्ष्मी नरायन का आरोप है कि मृदुला कठेरिया सांसद रामशंकर कठेरिया की पत्नी हैं। उनके साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस में रहती हैं। इसके बावजूद बैनामे में उन्होंने मृदुला कठेरिया पुत्री राजेश्वर दयाल लिखाया, जिसका पता बिल्लोचपुर, थाना ताजगंज है। उक्त पत्रावली तहसील खेरोगढ़ स्थानांतरित करा ली।