जय गुरुदेव संस्था के नाम से जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत ने आदेश दिया है। अदालत में पेश की गई अर्जी में कहा गया था कि अनुयायियों के दो करोड़ 57 लाख रुपये एक खाता खुलवाकर उसमें डलवा दिए और फिर वह रकम जमीन के बैनामे में गलत तरीके से प्रयोग कर ली गई। न्यायालय ने हाईवे थाने को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इससे आश्रम में हलचल मची हुई है।
मामले के वादी साकेत कॉलोनी निवासी शैलेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार जय गुरुदेव धर्म प्रचारक ट्रस्ट को जमीन की आवश्यक्ता थी। उन्होंने चार सितंबर 1997 को प्रताप नगर महोली रोड निवासी ललिता देवी से एक जमीन का इकरार नामा दस लाख में तय कराया। एडवांस के रूप में साढ़े सात लाख दे दिए गए। पंकज बाबा ने अनुयायियों से प्राप्त धनराशि का ट्रस्ट के नाम खाता खुलवाया फिर दो बार में दो करोड़ 57 लाख के बैनामे कराए।
एक बैनामा 15 नवंबर 2014 को तथा दूसरा बैनामा 23 अप्रैल 2014 को कराया। शिकायत कर्ता का आरोप है कि पंकज बाबा ने ट्रस्ट के नाम से खाता खोल लिया और भक्तों से उसमें पैसा डलवा दिए, जो कानूनन सही नहीं।