फिरोजाबाद : किशोर के अपहरण और
हत्या में दो को आजीवन कारावास
35 साल बाद प्रोफेसर के बेटे को मिला न्याय
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद । शिकोहाबाद में प्रोफेसर कामता प्रसाद नारायन के 13 वर्षीय बेटे की अपहरण कर हत्या के जुर्म में 35 साल बाद दो दोषियों शिकोहाबाद के लभौआ निवासी राजू सिंह और मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के गढ़िया निवासी यादवेंद्र सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला जज षष्टम एवं विशेष जज दस्यु प्रभावित क्षेत्र आजाद सिंह ने दोनों पर 35-35 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं साक्ष्य के अभाव में रामकुमार को बरी कर दिया गया है।
घटनाक्रम छह नवंबर 1987 का है। शिकोहाबाद कस्बे के शंभूनगर निवासी कामता प्रसाद नारायन डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। उनका पुत्र अभिषेक उर्फ मिंटी छह नवंबर को साइकिल लेकर घर से निकला और वापस नहीं आया। प्रोफेसर ने थाना शिकोहाबाद में बेटे की गुमशुदगी की तहरीर दी। 11 नवंबर को शव इटावा के थाना इकदिल क्षेत्र में नहर किनारे मिला था। तब शिकोहाबाद मैनपुरी जनपद का हिस्सा था। इस कारण शुरुआत में जांच मैनपुरी जिले में चलती रही।
देर से ही सही पर न्याय तो मिला : प्रेमलता यादव
बेटे की हत्या-अपहरण के मामले में सजा के बाद बोलीं मां
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। चलो देर से ही सही मेरे फूल से बेटे की हत्या करने वालों को आजीवन कारावास की सजा तो मिली। यह कहते -कहते अभिषेक उर्फ मिंटू की मां प्रेमलता यादव की आंखें भर आईं। कहा, फांसी की सजा मिलती तो बेहतर होती। मेरे पति तो दोषियों को सजा दिलाने की पैरवी करते-करते 2015 में चल बसे। बेटा तो साइकिल चलाने गया था।
थाना शिकोहाबाद के शंभूनगर निवासी कामता प्रसाद यादव के 13 वर्षीय बेटे अभिषेक की हत्या व अपहरण के दोषी लभौआ निवासी राजू जहां बूढ़ा हो चला वहीं अपराधों में लिप्त रहने वाला दूसरा दोषी यादवेंद्र सिंह भी बुजुर्ग है। मंगलवार को अपर जिला जज षष्टम एवं विशेष जज दस्यु प्रभावित क्षेत्र आजाद सिंह ने 35 वर्ष पुराने अपहरण एवं हत्या के मामले में सजा सुनाए जाने की जानकारी जब मृतक की मां प्रेमलता यादव को मिली तो पहले तो वह चौंक गई। शंभूनगर में रहने वाली प्रेमलता यादव आजीवन कारावास की सजा सुनकर बोलीं चलो न्याय तो मिला। प्रेमलता यादव ने कहा कि उनके दो बेटों में मिंटू छोटा होने के कारण परिवार का लाड़ला था। बड़ा बेटा मनोज भी प्रोफेसर है।
1989 में जिले में ट्रांसफर हुआ केस
तब शिकोहाबाद मैनपुरी जनपद का हिस्सा था। इस कारण शुरू में जांच मैनपुरी जिले में चलती रही। पांच फरवरी 1989 को फिरोजाबाद जिला बनने और जनपद न्यायालय के सक्रिय होने के बाद मामला फिरोजाबाद जनपद न्यायालय को ट्रांसफर हुआ था। अपर जिला जज षष्टम एवं विशेष जज दस्यु प्रभावित क्षेत्र आजाद सिंह ने विशेष लोक अभियोजक अजय शर्मा की दलीलों को सुनने के बाद शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के लभौआ निवासी राजू सिंह और जिला मैनपुरी थाना बेवर के गढ़िया निवासी यादवेंद्र सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोनों को एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।