मैनपुरी। गाइड लाइन के तहत सजायाफ्ता बंदियों को समय से पहले जेल से रिहा करने के लिए जेल प्रशासन ने सूची तैयार की है। कोरोना के चलते हाईकोर्ट से मिले निर्देश के बाद जेल प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।
कोरोना संक्रमण के चलते जेल में बंदियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने सजायाफ्ता बंदियों को समय से पूर्व रिहा करने को कहा है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला जज तेज प्रताप तिवारी जेल में निरुद्ध सजायाफ्ता बंदियों की समीक्षा कर चुके हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सजायाफ्ता बंदियों को समय से पूर्व जेल से रिहा करने के लिए जेल प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।
7 सजायाफ्ता बंदी
जिला न्यायालय से सजा पाए 177 सजायाफ्ता बंदी जेल में हैं। जिला न्यायालय से सजा होने केे बाद इनको आज तक जमानत नहीं मिली है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इन बंदियों का ब्यौरा तैयार कराया गया है। गाइड लाइन के तहत जेल प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।
सामूहिक हत्याकांड के आरोपी भी शामिल
थाना भोगांव क्षेत्र में वर्ष 1996 में पूर्व विधायक शिवराज सिंह चौहान पीटीआई के भतीजे गजेंद्र सिंह उर्फ टिल्लू सहित छह लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रमाकांत दीक्षित, कौशलेंद्र सिंह, हरीओम दीक्षित केा जिला न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। समय से पूर्व रिहाई का इन बंदियों को भी लाभ मिल सकता है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सजायाफ्ता बंदियों का पूरा ब्योरा जुटाकर सूची तैयार कर ली गई है। शासन के जैसे निर्देश मिलेंगे उनके अनुसार ही रिहाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हरीओम शर्मा, जेल अधीक्षक