मैनपुरी। सजायाफ्ता बंदियों की समय से पहले जेल से रिहाई होगी। कोरोना संक्रमण के चलते हाईकोर्ट से मिले निर्देश के बाद जिला जज तेजप्रताप तिवारी ने दोष सिद्ध बंदियों की समीक्षा की।
कोरोना संक्रमण के चलते जेल में बंदियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट और शासन गंभीर रुख अपना रहा है। जेल में बंदियों के बीच सामाजिक दूरी, नए और संदिग्ध बंदियों को जेल निदेशालय केे निर्देश पर जेल में दाखिला के बाद अलग बैरक में रखा जा रहा है। हाईकोर्ट ने अब सजायाफ्ता बंदियों को समय से पूर्व रिहा करने को कहा है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला जज तेजप्रताप तिवारी ने जेल में निरुद्ध सजायाफ्ता बंदियों की समीक्षा की। जेल अधीक्षक से कहा है इस संबंध में सजायाफ्ता बंदियों की समय से पहले रिहाई करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
177 बंदियों को मिलेगा लाभ
जेल में इस समय 177 सजायाफ्ता बंदी हैं। इनको जिला न्यायालय से आपराधिक मामलों में सजा हो चुकी है। सजा होने केे बाद किसी अदालत से जमानत नहीं हो पाने केे कारण सजायाफ्ता 177 बंदी जेल में बंद हैं। इनमें 15 महिला बंदी भी शामिल हैं। इनको भी आपराधिक मामलों में जिला न्यायालय से सजा सुनाई जा चुकी है।
जेल में बंदियों पर एक नजर-
पुरुष बंदी 1261
महिला बंदी 86
नाबालिग 38
विचाराधीन पुरुष बंदी 1067
विचाराधीन महिला बंदी 71
विचाराधीन नाबालिग बंदी 38
अस्पताल में भर्ती बंदी 17
जेल में कुल बंदी 1385