कासगंज। जिला जज ज्योत्सना शर्मा के न्यायालय ने हत्या के 10 साल पुराने मामले में हत्यारोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। मामले में तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
विगत 10 वर्ष पूर्व 15 अक्तूबर 2009 में जामवंत निवासी नगला दुरजन थाना सिकंदरपुर वैश्य को फसल काटने के विवाद को लेकर गांव के ही आरोपी करू उर्फ रामकिशन पुत्र राजाराम वर्मा ने अपने साथी बालिस्टर, नत्थू सिंह एवं प्रेमपाल के उकसाने पर गोली मार दी। गोली लगने से जामवंत गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल जामवंत को पटियाली चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां से उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ में उपचार के दौरान जामवंत की की मौत हो गई। मामले की सिकंदरपुर वैश्य पुलिस ने विवेचना की।
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामले में ट्रायल चल रहा था। जिला जज ज्योत्सना शर्मा ने हत्या के मामले में करू उफ रामकिशन को हत्या का आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अधिवक्ता रमेशचंद्र गोला ने न्यायालय में दोषी को अधिकतम सजा की पैरवी की। वहीं अन्य आरोपी बालिस्टर, नत्थू और प्रेमपाल को केवल उकसाने का दोषी पाया और हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।