ऐसा प्रतीत होता है कि आपको विधि का ज्ञान नहीं है...। आगरा के अछनेरा थाना के प्रभारी निरीक्षक पर यह टिप्पणी है कोर्ट की। मामला गैर इरादतन हत्या के मामले में गैरहाजिर चल रहे गवाह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश न कराने का है।
इंस्पेक्टर ने वारंट तामील कराने के लिए दरोगा के बजाय सिपाही को दे दिया। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
केस राज्य बनाम बुद्धू उर्फ हनीफ खां वर्ष 2013 से लंबित है। कोर्ट से कई बार गवाह को बुलाया गया। वह नहीं आया। उसे सम्मन जारी किए गए। इसके बाद वारंट और फिर गैर जमानती वारंट भी।