दयालबाग शिक्षण संस्थान में वर्ष 2013 में शोध छात्रा की हत्या के मामले में बचाव पक्ष ने कोर्ट में गवाह पेश किए हैं। इस मामले में जिरह के लिए कोर्ट ने तीन जून को जिरह की तारीख तय की है।
आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान में 11 साल पहले हुए शोध छात्रा हत्याकांड में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने एक गवाह शांति स्वरूप को कोर्ट में पेश किया। बयान के बाद जिरह के लिए कोर्ट ने 3 जून की तारीख तय की है।
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दयालबाग के शिक्षण संस्थान में 15 मार्च 2013 को शोध छात्रा की नैनो बायोटेक्नोलॉजी लैब में हत्या हुई थी। छात्र-छात्राओं ने हंगामा कर खुलासे और कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने दो आरोपी उदय स्वरूप और यशवीर संधू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उन्हें दुष्कर्म के प्रयास, हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोपी बनाया गया।
फरवरी 2014 में दोनों को हाईकोर्ट से जमानत मिली। पुलिस के चार्जशीट लगाने के बाद जुलाई 2014 में विवेचना सीबीआई को ट्रांसफर हो गई थी। सीबीआई ने दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य नष्ट करने की धारा में उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
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इस पर उदय स्वरूप को दोबारा जेल भेजा गया। आरोपी को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने पर 15 मई को उदय स्वरूप को जेल से रिहा किया गया था। गवाह का बयान बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने कराया। अभियोजन की ओर से स्पेशल लोक अभियोजक अशोक कुमार गुप्ता ने कोर्ट से जिरह के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने 3 जून की तारीख तय की है।