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अवकाश छोड़ हररोज हुई दुष्कर्म के केस की सुनवाई

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कासगंज। मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया था। मामले में न्यायालय व पुलिस ने तेजी से कार्य किया। पीड़िता को 23 दिन में त्वरित न्याय मिला। इसके लिए अवकाश छोड़कर रोजाना सुनवाई हुई।
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एक सितंबर को सोरों थाना क्षेत्र के एक गांव में यह जघन्य वारदात हुई। एसपी सुशील घुले ने कोतवाली निरीक्षक रिपुदमन सिंह को आरोपी की हर हाल में गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। पुलिस ने 24 घंटे में गोरहा नहर क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
विवेचक रिपुदमन सिंह ने साक्ष्य जुटाए, बयान दर्ज किए और 13 दिन में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। 25 सितंबर से 10 अक्तूबर तक अवकाश के दिनों को छोड़कर कोर्ट में लगातार सुनवाई हुई। शुक्रवार को आरोपी को दोष सिद्ध माना और शनिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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पुलिस सुरक्षा में कराई गवाहों की गवाही : एसपी
पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने कहा कि मामले में ट्रायल शुरू होने के बाद लगातार सुनवाई की गई। 22 दिन में ट्रायल पूरा कर लिया गया। थाना पुलिस ने सुरक्षा के साथ सभी गवाहों की गवाही कराई। अलीगढ़ के दीन दयाल अस्पताल में बालिका का ऑपरेशन व उपचार करने वाले चिकित्सकों की गवाही भी अलीगढ़ से बुलाकर कराई गई। उन्होंने फैसले की सराहना की और सोरों पुलिस की भी तारीफ की।
फैसले को लेकर बना रहा कौतूहल
अधिवक्ताओं को इस त्वरित फैसले का बेसब्री से इंतजार था। अपराह्न में न्यायालय ने फैसला सुनाया। वादी पक्ष के अधिवक्ता उपेंद्र मिश्रा ने बताया कि उन्होंने मामले की निशुल्क पैरवी की। अन्य अधिवक्ताओं ने भी सराहना की।
मासूम को मिला न्याय : विवेचक
जघन्य अपराध के मामले की विवेचना करने वाले सोरों के कोतवाली प्रभारी निरीक्षण रिपुदमन सिंह ने कहा कि पीड़ित मासूम की हालत बेहद गंभीर थी। तत्परता के साथ वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। कोर्ट ने भी रोजाना सुनवाई कर पीड़िता को न्याय दिया। 13 दिनों में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
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