मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के खिलाफ दायर किए गए प्रकीर्ण वाद को सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) ममता सिंह ने खारिज कर दिया है। वाद दायर करने वाले पूर्व एसपीओ रामदास निगम के तथ्य सुनवाई के दौरान सीजेएम कोर्ट में सही नहीं पाए गए हैं।
समाजवादी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पूर्व एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारी) रामदास निगम ने सीजेएम कोर्ट में मुख्यमंत्री के खिलाफ अपने अधिवक्ता पूर्व विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामसेवक के माध्यम से प्रकीर्ण वाद दायर किया था। इसमें मुख्यमंत्री पर अखिलेश यादव को गुंडों का सरताज
तथा मायावती को भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति कहने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
सीजेएम ममता सिंह ने मामले की सुनवाई की। रामदास निगम के वकीलों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। रामदास निगम के वकीलों द्वारा दी गई दलीलों के बाद सीजेएम ममता सिंह ने प्रकीर्ण वाद पर अपना फैसला सुनाया है। प्रकीर्ण वाद को आधारहीन पाकर उसको खारिज कर दिया है।