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दोहरे हत्याकांड में छह दोषियों को आजीवन कारावास

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कासगंज। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत कुमार ने दोहरे हत्याकांड में 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी को इस मामले में बरी किया है, जबकि एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव मुबारिकपुर सिंगतरा में 9 जुलाई 2016 को ट्रैक्टर से गहाई को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद ने संघर्ष का रूप ले लिया। इसमें सतेंद्र कुमार (20) पुत्र सतीश एवं बालक दुर्गेश (3 माह) पुत्र इंद्रपाल की हत्या कर दी गई। सतेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। जबकि मासूूम बालक की अलीगढ़ में एक सप्ताह बाद उपचार के दौरान मौत हुई थी। हत्या, बलवा, क्रिमिनल लॉ की धाराओं में मृतक सत्येंद्र के चाचा जयप्रकाश ने वीरेंद्र कुमार, वीरेश, दिनेश कुमार, अनिल कुमार, बृजनंदन, बृजेश, हृदेश कुमार एवं सुनील कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। सोमवार को इस मामले में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता के बीच बहस सुनी गई। न्यायालय से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने अधिकतम सजा की पैरवी की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत कुमार ने 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि एक आरोपी सुनील को बरी किया गया और एक आरोपी बृजनंदन की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। न्यायालय ने अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजा और जुर्माना आरोपित किया। पीड़ित पक्ष को 50-50 हजार रुपये जुर्माने की राशि में से देने के निर्देश दिए।
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मामूली विवाद में गईं थीं दो जानें, गांव में मची थी अफरातफरी
कासगंज। 9 जुलाई 2016 का दिन मुबारिकपुर सिंगतरा के लिए काफी खौफनाक था। मामूली विवाद इतना बड़ा रूप ले लेगा कि दो जानें चली जाएंगी इसका किसी को अहसास भी नहीं था। बताया गया कि यह विवाद ट्रैक्टर से मक्का की गहाई को लेकर पनपा। ट्रैक्टर स्वामी वीरेंद्र कुमार और उसके एक रिश्तेदार गजराज ट्रैक्टर से मक्का गहाई का काम कर रहे थे। उन्होंने वीरेंद्र से गहाई करने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। गजराज बाद में मृतक युवक के पिता सतीश चंद्र व उसके चाचा जय प्रकाश वीरेंद्र के खेत पर ट्रैक्टर लेने के लिए पहुंचे। तभी आरोपियों ने हमला बोल दिया। सतीश, जयप्रकाश व अन्य परिजन खेत से गांव की ओर भागने लगे, लेकिन असलहों से लैस आरोपी उनका पीछा करते हुए गांव में आ गए। चीख पुकार सुनकर सतीश का पुत्र सतेंद्र व परिवार के अन्य लोग भी आ गए और इसी दौरान सत्येंद्र को गोली लग गई और उसकी मौके पर मौत हो गई। एक तीन माह का बालक दुर्गेश भी घायल हो गया। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। संघर्ष की इस घटना में अन्य लोग भी घायल हो गए।
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सजा पर एक नजर-
- धारा 147 में एक वर्ष का कारावास।
- धारा 148 में दो वर्ष का कारावास।
- धारा 307 में दस वर्ष का कारावास एवं 10-10 हजार रुपये का जुर्माना।
- धारा 302 में आजीवन कारावास और 25-25 हजार का जुर्माना।
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