मैनपुरी। नाबालिग से दुष्कर्म करने वालों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए पुलिस विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिले में दस मामले चिह्नित किए गए हैं। इन्हें जल्द ही फास्ट ट्रैक कोर्ट भेजा जाएगा। बच्चियों के साथ बढ़ते अपराधों को लेकर शासन सख्त है। मुख्यमंत्री पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में जल्द से जल्द सजा दिलाने के निर्देश दे चुके हैं।
मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिले की पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस ने नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के दस ऐेसे मामले चिह्नित किए हैं, जिनमें वारदात को बेरहमी के साथ अंजाम दिया गया। मामलों को चिह्नित करने के बाद सुनवाई के लिए इन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट भेजे जाने की तैयारी है। जुलाई के पहले सप्ताह तक यह मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचे की उम्मीद है।
मैनपुरी में 13 अगस्त 2017 को हुई दिल दहला देने वाली वारदात आज भी लोगों को याद है। पांच वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म और कुकर्म के बाद गला काटकर हत्या कर दी गई थी। शव पुलिस लाइन परिसर में पड़ा मिला था। मामले में जिले का कोई भी वकील आरोपी पक्ष की पैरवी को तैयार नहीं है। ऐसे में पुलिस के सामने आरोपी को जल्द सजा दिलाने को लेकर परेशानी आ रही है। अब पुलिस सरकारी वकील हासिल करना चाहती है। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।