आगरा। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य नष्ट करने के मामले में दंपती को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 1.12 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में एक बाल अपचारी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में भेज दी गई।
थाना जैतपुर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पिनाहट थाना क्षेत्र के गांव गजाधर निवासी रूमा देवी ने तहरीर दी थी। बताया कि उनके पति नरायन हलवाई थे। 28 अप्रैल, 2022 को वह थाना जैतपुर के गांव वैदपुरा में ओमप्रकाश के घर काम पर गए थे। शाम 7 बजे बाइक से घर लौटने के लिए निकले लेकिन पहुंचे नहीं। मोबाइल बंद बता रहा था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के दौरान 29 जून, 2022 को पुलिस ने जिला इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के लुहन्ना चौराहा निवासी चंटई उर्फ चंतई, उसकी पत्नी सीमा और एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी चंटई ने पुलिस को बताया था कि हत्या कर शव ग्वालियर रोड लायन सफरी के पास नाले में फेंका गया। पुलिस ने वहां से घटना के दो महीने के बाद कंकाल बरामद किया था। इस मामले में दलित उत्पीड़न की धाराएं बढ़ाई गईं। अदालत ने चंटई और उसकी पत्नी सीमा को उम्रकैद की सजा सुनाई।
पत्नी से संबंध का था शक
आरोपी चंटई उर्फ चंतई को शक था कि नरायन उसकी पत्नी सीमा से बात करता था। उसने कई बार दोनों को समझाया पर किसी ने बात नहीं मानी। 28 अप्रैल, 2022 की रात आरोपी ने पत्नी सीमा से नरायन को फोन पर कॉल कराया और अपने घर बुला लिया। रात करीब 12 बजे घर के बगल में खाली प्लॉट में ले गए, जहां आरोपी, उसकी पत्नी ने गला दबाकर हत्या कर दी। इस दौरान एक बाल अपचारी की भी भूमिका बताई गई। शव प्लास्टिक के कट्टे में भरकर ग्वालियर रोड लाइन सफारी के सामने नाले में फेंक दिया था।