मेयर नवीन जैन, नगर आयुक्त अरूण प्रकाश व अन्य
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नगर निगम सदन के 12वें अधिवेशन में शहर की ‘कचरा’ व्यवस्था पर पार्षदों ने सवाल उठाए। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के नाम पर पांच कंपनियों को 21 करोड़ रुपये के भुगतान करने पर पार्षदों ने आपत्ति उठाई कि जब कचरा हर घर से लिया ही नहीं गया तो भुगतान क्यों किया गया।
सदन में हंगामे के बीच 11 पार्षदों के सवाल उठाने पर मेयर ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है जो घर-घर से कूड़ा एकत्र करने की योजना में भुगतान और जमीनी हकीकत की पड़ताल करेगी। अक्तूबर से डोर टू डोर कू़ड़ा कलेक्शन व्यवस्था का सत्यापन उस वार्ड के पार्षद भी करेंगे।
शनिवार को नगर निगम सदन में पार्षद रवि बिहारी माथुर ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनियों की जांच और काम न होने पर भी भुगतान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव पेश किया। उनके प्रस्ताव को 10 पार्षदों ने समर्थन दिया।
प्रदीप अग्रवाल, राकेश जैन, प्रकाश केसवानी, मोहन सिंह, संजय राय, अनुराग, शरद चौहान, श्यामवीर सिंह, गुड्डू राठौर, राहुल चौधरी ने एकमत से सदन में घरों से कूड़ा एकत्र करने पर ही सवाल खड़े किए और साफ कहा कि उनके वार्ड में कंपनी ने फर्जी आंकड़े दिखाए हैं। बेहद कम घरों से ही कूड़ा लिया जा रहा है, जबकि भुगतान ज्यादा का कर दिया गया।
ये अफसर करेंगे जांच
अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता
सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला
वित्त अधिकारी उल्लास वर्मा
कंपनियों ने भेजे फर्जी बिल
पार्षद रवि बिहारी ने कहा कि कंपनियों ने फर्जी बिल भेजे और निगम के जेडएसओ ने सत्यापित कर दिए। सौ फीसदी नहीं, बल्कि दस फीसदी ही घरों से कूड़ा लिया गया है। फर्जी सत्यापन करने वाले दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जाए।
कंपनी पर एफआईआर हो
पार्षद शरद चौहान ने कहा कि कर्मचारियों का वेतन रोककर कंपनी भाग गई है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। यूजर चार्ज और नगर निगम से भुगतान भी लिया, पर गरीब कर्मचारी को वेतन नहीं दिया।
सुधार के कदम उठाएंगे : मेयर
मेयर नवीज जैन ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा लेने के आंकड़े गलत होने की शिकायतें पार्षदों ने सदन में की हैं। इसलिए जांच कमेटी बनाई है। पार्षदों से भी कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था का सत्यापन कराया जाएगा। दस वार्डों में आकस्मिक चेकिंग पार्षद करेंगे। अब जो भी बिल कंपनियां भेजेंगी, उसमें हर घर का मोबाइल नंबर भी देना होगा, जिससे फोन पर सत्यापन किया जा सके।
गड़बड़ियां हैं, जांच होगी : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने कहा कि कूड़े के उठान में और डोर टू डोर कूड़ा लेने में कुछ गड़बड़ियां हैं, जिनकी जांच होगी, लेकिन हमारे सेनेटरी सुपरवाइजर और जेडएसओ की भी जवाबदेही रहेगी कि वह कंपनी से काम कराएं। उनके क्षेत्र में कूड़ा लेने वाली कंपनी के काम की मॉनीटरिंग भी वही करेंगे। कंपनी के कर्मचारी काम नहीं करते तो वह बताएं।
हाउस टैक्स या बिजली बिल में जुड़ सकता है यूजर चार्ज
शहर की सफाई व्यवस्था में ढिलाई के सवालों से घिरे नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने सदन को बताया कि घर घर से कूड़ा लेने की व्यवस्था में अब बदलाव किया जाएगा। एक गाड़ी एक हजार घरों से कचरा लेगी, जिस पर ऐसा व्यक्ति रहेगा जो फोन नंबर, मकान नंबर भी दर्ज करता चलेगा।
इंदौर वाली कंपनी से ही आगरा में सफाई कराने की योजना है। कोशिश है कि कूड़ा लेने वाली गाड़ी का समय तय हो जाए। तंग गलियों में रिक्शे से कूड़ा लिया जाएगा। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अगर सदन एकमत हो तो शहर में हाउस टैक्स के साथ यूजर चार्ज जोड़ दिया जाए। पार्षद साथ जाकर यूजर चार्ज दिलाने में मदद करें।